जिला मुख्यालय के बीच स्थित राजगढ़ जेल का निर्माण लगभग 1905 में अंग्रेजों के शासनकाल में हुआ था। यह जेल स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महत्वपूर्ण केंद्र रही है। स्वतंत्रता सेनानी सैय्यद हामिद अली का नाम इस जेल की शिलालेख पट्टी पर अमर स्वतंत्रता संग्राम सैनानी के रूप में अंकित है।
राजगढ़ जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सैय्यद हामिद अली को अंग्रेजों ने इसी जेल में कैद रखा और यातनाएं दीं। लेकिन, देश की आजादी के बाद सैय्यद हामिद अली को स्वतंत्र भारत की पहली कैबिनेट में मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। जिनका नाम नाम स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए उनके योगदान के लिए आज भी अमर है।
राजगढ़ जिला जेल के उप अधीक्षक राकेश मोहन उपाध्याय ने बताया कि जेल का निर्माण 1905 में हुआ और सैय्यद हामिद अली का नाम शिलालेख पर स्वतंत्रता सेनानी के रूप में अंकित है। उन्होंने बताया कि हालांकि जेल के पास इस बारे में कोई रिकॉर्ड नहीं है, परंतु विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सैय्यद हामिद अली ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इस दौरान उन्हें जेल में यातनाएं भी झेलनी पड़ीं। इस वजह से राजगढ़ जेल से उनका नाता रहा है। राजगढ़ को जिला बनाने में भी उन्होंने योगदान दिया है। देश की आजादी के बाद वे स्वतंत्र भारत की पहली कैबिनेट में जेल मंत्री बने थे।