मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में एक सोशल वर्कर और रेलवे जीआरपी टीम की मदद से मजदूरी के लिए बिहार ले जाए जा रहे नाबालिग किशोरों को मुक्त कराया गया है। ठेकेदार को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
जानकारी के मुताबिक यह घटना विदिशा जिले के रेलवे स्टेशन की है, जहां अहमदाबाद एक्सप्रेस के माध्यम से लगभग दस नाबालिग बच्चों को मजदूरी कराने के लिए बिहार ले जाया जा रहा था। ठेकेदार के कब्जे से इन बच्चों को आजाद कराया गया और उसे हिरासत में लिया गया।
विदिशा वेलफेयर सोशल ऑर्गेनाइजेशन की कर्मचारी दीपा शर्मा ने बताया कि गंजबासौदा की जीआरपी टीम से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति कुछ बच्चों को ट्रेन के जरिए बाल मजदूरी के लिए बिहार ले जा रहा है। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए विदिशा की टीम और जीआरपी की सहायता से अहमदाबाद एक्सप्रेस से ठेकेदार को गिरफ्तार किया गया। उसके साथ 10 नाबालिग बच्चे भी थे। सभी बच्चों से पूछताछ की जा रही है। ठेकेदार का कहना है कि ये बच्चे टाइल्स का काम करने के लिए जा रहे थे और इससे पहले भी वे उसके साथ काम कर चुके हैं।
स्थानीय पुलिस द्वारा ठेकेदार से पूछताछ जारी है। गौरतलब है कि बाल मजदूरी कानूनन अपराध है और इसके लिए सजा का प्रावधान भी है, फिर भी इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।