राजगढ़ जिला मुख्यालय में सोमवार को अतिथि शिक्षकों के द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को प्रदेश सरकार के विरुद्ध जमकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उन्होंने अपनी अर्थी निकालकर अतिथि शिक्षकों को लेकर किए गए सरकार के वादे को याद दिलाया।
बता दें कि सोमवार को राजगढ़ जिला मुख्यालय में एकत्रित हुए जिले के तमाम अतिथि शिक्षकों के द्वारा प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में अर्थी निकालकर धरना प्रदर्शन किया गया। साथ ही विभिन्न मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन भी दिया गया। जिसमें प्रदेश सरकार को 4 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है।
अतिथि शिक्षको ने बताया कि सरकार की नीति और नीयत की वजह से आज हम लोग सड़क पर घूमने के लिए मजबूर हैं। मध्यप्रदेश के लगभग 50 हजार अतिथि शिक्षक सड़क पर घूम रहे हैं, इसके पीछे मध्यप्रदेश सरकार की नीतियां और विसंगतियां है। इसकी सारी जवाबदारी शासन और प्रशासन की है। हम हमारी मांगों को लेकर जो ज्ञापन देने जा रहे हैं, यदि 4 सितंबर तक हमारी मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो हम 5 सितंबर शिक्षक दिवस के दिन भोपाल के लिए कूच करेंगे और सीएम से मिलने की कोशिश करेंगे। हम गुंडे मवाली नहीं है, एक शिक्षक हैं। अगर, भारतीय प्रजातंत्र की व्यवस्था के अनुरूप भी हमें मुख्यमंत्री से नही मिलने दिया जाता तो ये प्रदेश सरकार की तानाशाही रहेगी। हमे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री हमसे मिलेंगे और उनकी सरकार के द्वारा किए गए वादों को पूरा कर हमारी समस्याओं का निराकरण करेंगे।