जिले के कुंडीबेह गांव में आयोजित जल अर्पण कार्यक्रम के दौरान उस समय अजीब स्थिति बन गई, जब सांसद रोडमल नागर कार्यक्रम में अधिकारियों की देरी से नाराज हो गए। तय समय पर मंच पर पहुंचे सांसद और विधायक को लगभग डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद सांसद ने मंच से उतरकर अपना विरोध जताया।
मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कुंडीबेह गांव को देश का ऐसा गांव बताया गया, जहां 24 घंटे नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू हुई है। यह योजना जल जीवन मिशन के तहत पूरी की गई, जिसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार सांसद रोडमल नागर और विधायक अमरसिंह यादव समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे लेकिन दिल्ली से आए जल जीवन मिशन के अपर सचिव कमलकिशोर सोम, जल निगम के प्रबंध संचालक केवीएस चौधरी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी देर से पहुंचे। इसी वजह से कार्यक्रम शुरू होने में काफी विलंब हुआ।
लंबे इंतजार से नाराज सांसद रोडमल नागर ने मंच से उतरकर अधिकारियों के पैर छूते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि केवल कार्यक्रम और इवेंट करने से काम नहीं चलता, असली काम जमीन पर समय से पूरा होना चाहिए। सांसद ने यह भी कहा कि डेढ़ घंटे तक इंतजार कराना गलत है और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
बाद में सांसद ने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी किसी अधिकारी या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं थी। उनका गुस्सा जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों में हो रही देरी और समय की अनदेखी को लेकर था। उन्होंने कहा कि कुंडीबेह समेत 25 गांवों में 24 घंटे पानी पहुंचना बड़ी बात है लेकिन ऐसे प्रोजेक्ट में अनुशासन और समय की पाबंदी बेहद जरूरी है।