बेशकीमती सागौन की लकड़ी के लिए प्रसिद्ध पन्ना जिले के दक्षिण वन मंडल क्षेत्र के अंतर्गत काष्टागार में आयोजित ऑफलाइन नीलामी सफलतापूर्वक पूर्ण हो गई। इस नीलामी में पन्ना, छतरपुर, सतना, सागर सहित प्रदेश के अन्य जिलों से लकड़ी के व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस नीलामी में कुल 758 लॉट की 800 घनमीटर लकड़ी को 1.30 करोड़ रुपये में नीलाम किया गया। डीएफओ, दक्षिण वन मंडल ने बताया कि उत्तर वन मंडल और दक्षिण वन मंडल से कटवाई गई सागौन और सतकठा लकड़ी की नीलामी हर तीन माह में ऑनलाइन आयोजित की जाती है। हालांकि, व्यापारियों की रुचि ऑनलाइन नीलामी में कम रहने के कारण इस बार ऑफलाइन नीलामी का आयोजन किया गया।
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तीन प्रकार के लॉट बनाए गए
इस नीलामी में ईमारती सागौन की लकड़ी को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया था— लट्ठा (Logs), बल्ली (Poles), डेगरी (Beams & Planks)। नीलामी के दौरान व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर बोली लगाई, जिससे सागौन की लकड़ी की कीमत अच्छी बनी रही। नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारियों ने इसे सफल और पारदर्शी बताया।
वन विभाग दिखा खुश
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सागौन की गुणवत्ता और बाजार मांग को देखते हुए इस बार नीलामी में बेहतर प्रतिसाद मिला। व्यापारियों ने भी ऑफलाइन नीलामी प्रक्रिया को सराहा और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह के आयोजन किए जाएंगे।
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बढ़ती मांग के कारण ऑफलाइन नीलामी को प्राथमिकता
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि, सागौन की लकड़ी की गुणवत्ता और पारदर्शी प्रक्रिया के कारण व्यापारियों का रुझान ऑफलाइन नीलामी की ओर अधिक रहता है। इसीलिए, भविष्य में भी व्यापारियों की मांग के अनुसार ऑफलाइन नीलामी को प्राथमिकता दी जाएगी।