प्रियंका गांधी ने अपने बयान में कहा, दो दिन पहले एक बैठक हुई, इसी दौरान पीएम का बयान आया कि जितनी भी विपक्ष की पार्टियां हैं, सभी को चोर बोल डाला। बड़ी-बड़ी पार्टियों के नेता, जिन्होंने देश सेवा की। उनका अपमान प्रधानमंत्री ने खुद इस तरह किया। मणिपुर में महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा है। बच्चों के सिर पर छत नहीं है। 77 दिन में पीएम ने एक लफ्ज नहीं कहा। कल मजबूरी में जब एक भयावह वीडियो वायरल हुआ तो मजबूरी में बयान दिया और उसमें भी राजनीति घोल दी और उन राज्यों का नाम ले लिया, जिनमें विपक्ष की सरकार है। मैं भी 10 मिनट पीएम की आलोचना कर सकती हूं, 10 मिनट सिंधिया जी के बारे में बोल सकती हूं कि कैसे उनकी विचारधारा पलट गई।"