फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandsaur : एसआईआर अभियान बना वरदान, 22 साल बाद मां को मिला बिछड़ा बेटा; जीवित होने का जानें कैसे मिला सुराग

Sat, 10 Jan 2026 09:39 PM IST
मंदसौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान ने कई लोगों के लिए तनाव बढ़ाया, वहीं मंदसौर जिले में इस अभियान ने एक माँ की वर्षों पुरानी खुशियाँ लौटाई। 22 साल पहले लापता हुआ बेटा आखिरकार अपनी माँ से मिल सका। बेटे के जीवित होने का सुराग भारत निर्वाचन आयोग के एसआईआर अभियान के दौरान सामने आया। पुलिस के अनुसार, ढाकरिया मोहल्ला, खिलचीपुरा मंदसौर निवासी विनोद गायरी (45 वर्ष) करीब 22 वर्ष पहले घर से लापता हो गया था। परिजनों ने उसे खोजने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। समय के साथ परिवार की उम्मीदें भी कमजोर पड़ गईं। एसआईआर अभियान के तहत विनोद ने मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए ग्राम पंचायत से अपने माता-पिता का ईपीक नंबर मांगा। यह जानकारी किसी माध्यम से उसकी माँ तक पहुँच गई। बेटे के जीवित होने की खबर मिलते ही माँ ने थाना नई आबादी में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने ग्राम पंचायत और तहसील निर्वाचन कार्यालय से जानकारी जुटाकर विनोद गायरी के वर्तमान पते का पता लगाया। जांच में सामने आया कि विनोद अब अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहा है। पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए विनोद और उसके बच्चों को सुरक्षित रूप से उसकी माँ से मिलवाया। 22 वर्षों बाद बेटे को सामने देखकर माँ की आँखों से खुशी के आँसू थम नहीं सके। यह क्षण पूरे परिवार के लिए अत्यंत भावुक और अविस्मरणीय रहा। नई आबादी थाना पुलिस की इस संवेदनशील पहल से लंबे समय से बिछड़ा परिवार फिर से जुड़ सका। क्षेत्र में पुलिस की इस मानवीय कार्रवाई की सराहना की जा रही है। लव मैरिज के बाद घर छोड़ना पड़ा था:
थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि विनोद ने 22 साल पहले गांव में ही रिश्तेदार की लड़की से प्रेम विवाह किया था। परिजनों के विरोध के बाद विनोद अपनी पत्नी के साथ गांव छोड़कर चला गया। शुरू में दोनों ने मजदूरी की, उसके बाद विनोद की नागौर, राजस्थान के एक स्कूल में चपरासी के पद पर नौकरी लग गई। इसी दौरान उसने नागौर में परिवार बसाया। अब उसके दो बच्चे हैं 16 वर्षीय बेटा और 22 वर्षीय बेटी, जिसकी शादी हो चुकी है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें