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Khargone: सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी, सांसद का नाम लेकर युवाओं को फंसाने का आरोप; साक्ष्य भी मिले

Sat, 20 Dec 2025 09:53 PM IST
खरगोन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन

खरगोन में ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लाखों रुपये की ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। सहकारिता विभाग में भर्ती दिलाने का झांसा देकर और खुद को प्रभावशाली नेताओं का करीबी बताने वाले एक युवक पर युवाओं से पैसे ऐंठने तथा बाद में रकम मांगने पर धमकाने के आरोप लगे हैं। पीड़ित युवाओं ने मंडलेश्वर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और डिजिटल लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य पुलिस को सौंपे हैं। ग्राम छोटी खरगोन निवासी अजय मंसोरे पर आरोप है कि उसने खुद को सांसद का करीबी बताते हुए बड़वाह, कसरावद और महेश्वर क्षेत्र के युवाओं को अपने जाल में फंसाया। वह सहकारिता विभाग में सीधी भर्ती का भरोसा दिलाता था और रकम लेने के लिए पहले आधी राशि तथा शेष नौकरी लगने के बाद देने की बात करता था।

पीड़ितों के अनुसार आरोपी ने अधिकतर रकम फोन-पे और अन्य डिजिटल माध्यमों से मंगवाई। कई युवाओं ने कर्ज लेकर उसे पैसे दिए। इसके बाद करीब आठ माह तक वह दिल्ली-भोपाल में फाइल अटकी होने का बहाना बनाकर टालता रहा। हाल ही में जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। शिकायत में बताया गया है कि अलग-अलग युवाओं से अलग-अलग रकम वसूली गई। इनमें अरुण धारवे से 1 लाख रुपये, अंकित नामदेव से 32 हजार रुपये, ओम भालसे, दीपक मिश्रा और शाहरुख खान से 30-30 हजार रुपये, जबकि जगन्नाथ और योगेश सावले से 25-25 हजार रुपये लिए गए।

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युवाओं का कहना है कि आरोपी प्रभावशाली नेताओं से अपनी नजदीकी और उनके साथ तस्वीरों का हवाला देकर भरोसा दिलाता था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि यह ठगी किसी एक व्यक्ति द्वारा की गई या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है।

अजय मंसोरे का कहना है कि जिन लोगों से उसका लेनदेन हुआ, वह व्यक्तिगत जरूरतों के कारण था। उसने नौकरी लगवाने या किसी जनप्रतिनिधि के नाम पर पैसा लेने से इनकार किया है। मंडलेश्वर थाना प्रभारी दीपक यादव ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। यदि जनप्रतिनिधियों के नाम का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी की पुष्टि होती है, तो यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा। बैंक खातों की जांच, डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण और आरोपी से पूछताछ कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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