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Khandwa : नर्मदा में आई बाढ़ के बीच पानी की तेज धार में पलटी दो नाव, नाविकों ने तैर कर बचाई जान

Fri, 09 Aug 2024 07:56 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में शुक्रवार सुबह एक बड़े हादसे में दो नाव बीच नदी में पलटी खा गई, और डूब गईं। हालांकि गनीमत रही कि नर्मदा के तेज बहाव के चलते फिलहाल तीर्थ नगरी में नौका विहार बंद है, और यहां की सभी नावें घाट पर, किनारे लगाकर खड़ी कर दी गई हैं। वहीं इनमें से दो नाविक किसी तरह पानी के बहाव की तेज धार से बचते हुए किसी तरह अपनी नावों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन जब बीच नदी में नावें डूब गईं। तब नाविकों ने तैर कर अपनी जान बचा ली।

बताया जा रहा है कि एक नाव की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए होती है, जिसके चलते इससे होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए नाविकों ने कोशिश की। हालांकि वे सफल नहीं हो सके। वहीं इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तेज बहाव में दो नाव डूबती हुई साफ दिखाई दे रही हैं।

निमाड़ क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के बाद यहां स्थित नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। यही नहीं, तवा और बरगी बांध का जलस्तर भी बढ़ने के चलते उनके गेट खोलकर वहां से पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है, जिससे नर्मदा नदी इस समय अपने पूरे उफान पर है। इसके बाद खंडवा जिले के ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर डैम के गेट खोलकर भी लगातार वहां से पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। इसके बाद से ही नर्मदा नदी में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। वहीं ओंकारेश्वर बांध से पानी छोड़ने के बाद तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के किनारे बने लगभग सभी घाट जलमग्न हो गए हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से नदी में नौका संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इसी बीच एक वीडियो सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि नदी के बीच दो नाव डूबती हुई नजर आ रही है। बता दें कि यह वीडियो ओंकारेश्वर स्थित आदि गुरु शंकराचार्य जी की प्रतिमा की तरफ जाने वाले रपटे का है। यहां पानी बढ़ने के कारण नाविक अपनी नावों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने के लिए ले जा रहे थे, लेकिन तेज बहाव में फंसने के कारण नाव पलट गई। नाविकों ने किसी तरह तैर कर अपनी जान बचा ली। बताया जा रहा है कि एक नाव की कीमत डेढ़ से दो लाख रुपए है। तेज बहाव में कहीं यह नाव बाह ना जाए इसलिए इन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कवायद की जा रही थी, इस दौरान यह घटना घट गई।

बता दें कि प्रशासन ने पहले ही अलर्ट जारी कर किनारों पर बसने वाले लोगों और घाटों को खाली करने के निर्देश दे दिए थे। साथ ही ओंकारेश्वर में नाव संचालक पर प्रतिबंध लगा दिया था। ओंकारेश्वर मंदिर ठीक ओंकारेश्वर डैम के पास स्थित है। जहां से लगभग 18 गेट खोलकर 10000 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में फिलहाल नर्मदा नदी अपने पूरे उफान पर बह रही है। 

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