मध्य प्रदेश के खंडवा जिला अस्पताल की चौथी मंजिल से गिरकर एक मरीज की मौत का बड़ा मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि व्यक्ति बीते चार दिन से पैर का इलाज करवाने के लिए अस्पताल में भर्ती था। वहीं अस्पताल में मौजूद स्टाफ का कहना है कि वह जब से इलाज के लिए भर्ती हुआ था, तब से ही वह घर जाने की जिद लगाए हुए था। उसे अस्पताल के गार्ड लगातार निगरानी करते हुए वार्ड में ही रखे हुए थे। शाम अचानक वह वार्ड से बाहर आया और फिर उसके कूदने की जानकारी मिली। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच अस्पताल की टीम के साथ ही पुलिस प्रशासन के द्वारा की जा रही है।
खंडवा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती मरीज सुरेश चौहान देर शाम अस्पताल की चौथी मंजिल की गैलरी पर बैठा था। इसी बीच अचानक उसके नीचे गिरने की खबर आई। इस घटना में वह बुरी तरह से घायल हो गया था। उसे अस्पताल के गार्ड तुरन्त उठाकर बेड पर लाए। यहां नर्सिंग स्टाफ ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन कुछ देर बाद ही इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में परिजन की चीख पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल हो था।
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इधर मृतक की पुत्री कविता ने बताया कि उसके पिता सुरेश हम्माली का काम करते थे। काम के दौरान ही वे गिर गए थे और उनके पैर में चोट लगी थी। तब से ही वे अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन आज की घटना ने पूरे परिवार को झकझोर करके रख दिया। इधर, घटना की सूचना मिलते ही मोघट पुलिस अस्पताल में पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखवाया। उसके बाद सोमवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।
वहीं, अस्पताल के सुरक्षा अधिकारी नारायण पटेल ने बताया कि मृतक करीब 4 दिन से भर्ती था और मानसिक बीमार लग रहा था। उसे कई बार पकड़ पकड़ कर वार्ड में भेजा जाता था लेकिन वह घर जाने की जिद पर अड़ा था। शाम को भी वह छुट्टी का कहकर पहले अस्पताल से बाहर गया फिर वापस यहीं आकर कूद गया।