खंडवा जिले के पिपलोद थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम गुड़ी खेड़ा का एक मजदूर परिवार गुजरात के मोरबी जिले में रहकर एक टाइल्स फैक्टरी में मजदूरी करता था। इसी बीच उनकी 5 साला बालिका परी की टाइल्स फैक्ट्री के गड्ढे में डूब कर बीते 29 अक्तूबर को मृत्यु हो गई थी। जिसको लेकर मृत बालिका परी के पिता अनिल गाडरे का कहना था कि वहां टाइल्स फैक्टरी के ठेकेदार और फैक्ट्री मालिक ने उन्हें डरा धमका कर बालिका के शव को खंडवा ले जाकर दफनाने का कहा था। जिस पर उन लोगों ने 30 अक्तूबर को बालिका के शव को पिपलोद थाना क्षेत्र में दफना दिया था।
हालांकि इसको लेकर उन्हें आशंका है कि टाइल्स फैक्टरी के जिस गड्ढे में बालिका डूबी थी, वह केमिकल युक्त पानी था, जिसके चलते ही बालिका की मौत हुई है। इसको लेकर वे खंडवा एसपी से मिलने पहुंचे थे, जिसके बाद बालिका के शव को बाहर निकाल कर उसका पोस्टमार्टम करवाया गया है। बता दें कि इस मामले में घटनास्थल गुजरात का होने के चलते यदि किसी तरह का अपराधिक कृत्य सामने आता है तो उसकी जांच गुजरात पुलिस के द्वारा ही की जाएगी।
परिजन ने जतायी थी केमिकल रिएक्शन की आशंका
वहीं इस मामले में जानकारी देते हुए खंडवा एसपी मनोज कुमार राय ने बताया कि उनके पास पिपलोद थाना क्षेत्र के एक पति पत्नी आए थे, जिन्होंने बताया था कि वे पिछले दो महीने से गुजरात के मोरबी जिले की एक टाइल्स कंपनी में काम कर रहे थे। इस दौरान उनकी 5 साल की बच्ची की वहीं पर मृत्यु हो गई थी, जिसमें उनका शंका थी कि वहां पर काम के दौरान किसी तरह के केमिकल के रिएक्शन की यह घटना हो सकती है। हालांकि वहां से वे लोग डेड बॉडी लेकर खंडवा वापस आए थे, और यहां उसे विधिवत जमीन में दफना भी दिया गया था।
गुजरात पुलिस करेगी आगे की जांच
हालांकि एसपी राय ने बताया कि जैसे ही बच्चों के माता-पिता के द्वारा उन्हें इसको लेकर जानकारी दी गई, तब उन्होंने तुरन्त ही डीएसपी हेडक्वार्टर के साथ ही थाना प्रभारी को निर्देश दिए थे की बच्ची की डेड बॉडी को फिर से बाहर निकाला जाए और उसका पोस्टमार्टम करवाएं। इसके बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उस बॉडी को वहां से निकाल कर उसका लाश पंचनामा बनवाया है और बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। इस मामले में घटनास्थल मोरबी का है इसलिए आगे की कार्रवाई के लिए मोरबी गुजरात पुलिस से सम्पर्क करके मर्ग जांच वहां भेजी जाएगी, और इसमें यदि किसी तरह के अपराधिक कृत्य की बात सामने आती है, तो वह जांच भी गुजरात पुलिस ही करेगी।