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Khandwa: ओम्कारेश्वर के सैलानी और रेवा टापू पर पर्यटकों का जाना प्रतिबंधित, मरीन कमांडो सुरक्षा के लिए तैनात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Updated Thu, 02 Jan 2025 10:09 PM IST

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर स्थित बांध परियोजना की सुरक्षा नव वर्ष और आगामी 26 जनवरी पर्व के दौरान यहां लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या के चलते कड़ी कर दी गई है। इस दौरान यहां औद्योगिक सुरक्षा बल की खंडवा इकाई ओकेपीएस ने यहां मरीन कमांडो भी तैनात कर दिए हैं। इसके साथ ही यहां लगातार बोट पेट्रोलिंग भी की जा रही है।

बता दें कि नए साल और राष्ट्रीय त्यौहार के समय पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा हो जाता है। ऐसे में कई लोग करीब से इस प्रतिबंधित क्षेत्र को देखने के लिए बेताब रहते हैं। इसी का फायदा उठाकर अनावश्यक गतिविधि करने वालों पर नियंत्रण रखने के लिए ऐसा किया गया है। वहीं बांध की सुरक्षा में यहां के रेवा टापू और सैलानी टापू पर आने वाले पर्यटक बाधा बन रहे हैं, क्योंकि यहां इनकी संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही थी।

बैकवाटर के सैलानी और रेवा टापू पर रोक
बता दें कि ओंकारेश्वर बांध के अपस्ट्रीम स्थित सैलानी टापू और बांध के मध्य में एक टापू रेवा आईलेंड स्थित है। इन दोनों ही टापुओं से बांध की ओर का पूरा क्षेत्र शासन द्वारा पूर्णतः प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां तक कि इस प्रतिबंधित क्षेत्र में मछली पालन, मछली पकड़ना, नौका सैर, तैराकी सहित किसी भी प्रकार के अनाधिकृत प्रवेश पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं इस प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने या किसी भी प्रकार का कोई अनाधिकृत कार्य करने पर प्रशासन के द्वारा कानूनी कार्यवाही भी की जाती है। इसके चलते अब सैलानी और रेवा टापुओं के अंदर तक पर्यटक नहीं जा सकेंगे। यहां ब्रिज से अंदर तक वाहन रोक दिए जाएंगे।

तगड़ी कार्रवाई की चेतावनी
इधर बांध की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात सहायक कमांडेड दर्शन सिंह का कहना है कि ओंकारेश्वर प्रांगण में सैलानियों की बढ़ती हुई संख्या के मद्देनजर सीआईएसएफ इकाई ओकेपीएस खण्डवा ने बांध परिक्षेत्र में सीआईएसएफ के मरीन कमाडों को तैनात किया है और लगातार बोट पेट्रोलिंग भी की जा रही है। प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश व किसी भी प्रकार का अनाधिकृत कार्य करने वाले पर तगड़ी कार्रवाई हो सकती है। बांध परियोजना क्षेत्र में डीजीसीए द्वारा ड्रोन परिचालन/उडानें भी प्रतिबंधित की गई हैं। इसके साथ ही इससे जुड़ी चेतावनी भी जारी की गई है।

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