खरगोन के दामखेडा में देव उठनी ग्यारस का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यहां दीपावली के बाद देव उठनी ग्यारस तक पाड़ों की लडाई की वर्षों से चली आ रही परंपरा का पशुपालक निर्वहन करते हैं, जिसके चलते ही पर्व की परंपरा अनुसार मंगलवार को पाड़ों के दंगल का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर पाड़ों की लड़ाई का रोचक मुकाबला देखा। इस दंगल में टाइगर और राजा के बीच हुआ मुकाबला करीब आधा घंटा तक चला।
जिसके बाद राजा ने इसमें जीत दर्ज करते हुए टाइगर को मैदान से भगा दिया। जिसके बाद पशुपालकों का फूल माला डालकर सम्मान किया गया और विजेता पाड़े के मालिक को पुरस्कार राशि दी गई, तो वहीं मेला आयोजकों ने इसे धनगर समाज और सनातनी परंपरा बताया। बता दें की पाड़ों की यह लड़ाई प्रतिबंधित है और हाल ही में निमाड़ के ही बुरहानपुर जिले में इस लड़ाई के चलते 67 से अधिक पशुपालकों और मेला आयोजकों पर मामला दर्ज किया गया है।
इस साल हो रहे पाड़ो के इस दंगल में चार पाड़े पहुंचे थे। इनमें से भी दो पाड़ों टाइगर ओर राजा का मुकाबला हुआ। करीब आधे घण्टे से अधिक चलरे इस दंगल में कभी पशु पालक पवन धनगर का पाड़ा राजा तो कभी पशु पालक सदाशिव बलिराम का पाड़ा टाइगर एक दूसरे को पटखनी देते दिखे। इस दौरान पाड़ों के एक दूसरे को पटकने के साथ साथ मौजूद सैकड़ों दर्शकों का उत्साह भी चरम पर रहा। हलांकि अंत में राजा ने टाइगर को पछाड़ दिया। जिसके बाद विजेता के मालिक को 5 हजार एक सौ एक रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया और फूलमालाओं से उनका सम्मान किया गया।