मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में शुक्रवार को इंदौर ग्रामीण जोन के पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस अनुराग कुमार जिले के अपराधों की समीक्षा करने पहुंचे। स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में ली गई क्राइम मीटिंग में आईजी ने तीन माह से अधिक समय से लंबित अपराधों की समीक्षा की। इस दौरान थानों में लंबित अपराध, लंबित चालान, लंबित खात्मा, लंबित खारजी के प्रकरणों सहित लंबित माल के शीघ्र निराकरण करने के निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिए गए।
इसके साथ ही आईजी द्वारा गंभीर वारदातों से जुड़े मामलों में संबंधित थाना प्रभारियों के द्वारा स्वयं विवेचना नहीं करने पर नाराजगी भी जताई गई। साथ ही सभी गंभीर मामलों की विवेचना थाना प्रभारियों को ही करने के निर्देश दिए गए। मीटिंग के दौरान आगामी महत्वपूर्ण त्योहारों को लेकर चर्चा की गई। शांति समिति की बैठक लेकर गुंडे और अपराधी किस्म के व्यक्तियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
आईजी ने बधाई भी दी
खंडवा पुलिस कंट्रोल रूम में इंदौर ग्रामीण जोन के आईजी अनुराग ने जिले के सभी थानों और वरिष्ठ अधिकारियों संग अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में पहले तो साल 2024 में त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था की ड्यूटी को ठीक तरह से करने के लिए जिले के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी गई। इसके बाद साल 2025 के लिए सभी वरिष्ठ अधिकारियों को प्राथमिकताओं से अवगत कराया गया। साथ ही जिले में साइबर फ्रॉड के लिए एसओपी तैयार करने और सभी अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की बात कही गई। साइबर जागरूकता को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया। जिले में दुर्घटनाओं को रोकने और साइबर ठगी से बचने के लिए आमजन को जागरूक करने व नियमों के पालन को लेकर विशेष अभियान चलाने की बात कही गई।
खुलेगी गुंडा और निगरानी फाइल
अपराध समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने जिले के नाबालिग बच्चे जो अभी तक दस्तयाब नहीं हुए हैं, उन्हें विशेष अभियान चलाकर राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में तलाश करने के निर्देश दिए। संपत्ति संबंधी अपराधों में अधिक से अधिक पतारसी कर माल-मश्रुका की बरामदगी के लिए निर्देश दिए गए। वहीं, संपत्ति संबंधी चोरी की रोकथाम के लिए CCTV की ज्यादा से ज्यादा मदद लेकर आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने की बात कही गई। इस दौरान आईजी द्वारा जिले में बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों के विरुद्ध गुंडा और निगरानी फाइल खोलने के निर्देश दिए। साथ ही निरंतर अपराध करने वाले बदमाशों के विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई करने के भी आदेश दिए।