मध्यप्रदेश में मंगलवार को माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर जीवनदायिनी मां नर्मदा जी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इसके चलते प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर नगर सहित, नर्मदा तट पर बसे ग्रामीण अंचल में भक्ति भाव से इस पर्व को मनाते हुए कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान और आयोजन किया जा रहे हैं। वहीं, महेश्वर के नर्मदा तट स्थित माकड़खेड़ा का नजारा तो इस समय प्रयागराज में जारी महाकुंभ की तरह ही दिखाई दिया। यहां इस दिन में नर्मदा नदी में स्नान और पूजन करने का एक खास महत्व होने के चलते, प्रातः काल से लेकर देर शाम तक नर्मदा स्नान के लिए लोगों का भारी जमावड़ा नर्मदा तट पर लगा रहा।
खरगोन की देवी अहिल्या बाई की पवित्र नगरी स्थित मां नर्मदा के तटों पर नर्मदा जन्मोत्सव मनाने सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुंचे हुए हैं। यहां आस्था की डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं ने नर्मदा पूजन किया। इसके साथ ही मां नर्मदा को चुनरी अर्पित कर घाटों पर दीपदान भी किए। यही नहीं इसके साथ ही महेश्वर में 101 लीटर दूध से मां नर्मदा का दुग्धाभिषेक किया गया, जिसके बाद 1000 मीटर लंबी चुनरी पवित्र मां नर्मदा को नाव के माध्यम से अर्पित कर नर्मदा जी का आशीर्वाद लिया गया।
भक्तों ने ग्रहण की हलवा-पूरी की प्रसादी
महेश्वर के घाटों पर मनाई जा रही नर्मदा जयंती के दौरान, कई नर्मदा तटों पर बड़ी संख्या में पहुंचने वाले भक्तों के लिए, सामाजिक संस्थाओं के साथ ही धार्मिक समितियों ने भंडारों का भी आयोजन किया था। यहां प्रसादी के रूप में शुद्ध देशी घी का हलवा और पूरी बनाई गई थीं, जिसमें हजारों भक्तों ने शामिल होकर प्रसादी ग्रहण की। इधर, भारी भीड़ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिसकर्मियों के साथ ही तैराक भी नर्मदा के तटों पर तैनात रहे। बता दें कि नर्मदा नदी को मध्यप्रदेश की जीवनदायनी कहा जाता है और निमाड़ क्षेत्र में तो इसे मां और देवी के रूप में ही पूजा जाता है।