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Khargone News: जमीन को लेकर नहीं हो रही किसान की सुनवाई, गुस्से में तहसील कार्यालय के बाहर पिया जहर

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन Updated Tue, 18 Mar 2025 06:11 PM IST

मध्यप्रदेश में खरगोन जिले के महेश्वर तहसील कार्यालय में भूमि विवाद से परेशान एक किसान ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। गम्भीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घायल ने आरोप लगाया कि वह लंबे समय से अपनी जमीन पर कब्जे के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा था। लेकिन अफसरों की प्रताड़ना से तंग आकर उसने यह घातक कदम उठाया। उसकी जमीन के समीप की छह बीघा जमीन चरनोई भूमि है। जो पूर्वजों के समय से उसके कब्जे में है। उस भूमि को राजस्व विभाग के द्वारा बेचा जा रहा है और उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इससे परेशान होकर महेश्वर तहसील कार्यालय परिसर में उसने कीटनाशक पी लिया, जिसके बाद पुलिस पीड़ित को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां फिलहाल घायल का इलाज किया जा रहा है। वहीं, इस मामले में स्थानीय एसडीएम का कहना है कि घायल ने राजस्व विभाग पर दबाव बनाने के लिए ऐसा कदम उठाया है।

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पीड़ित बोला, नायब तहसीलदार नहीं कर रहे सुनवाई
इधर, अस्पताल में उपचारित पीड़ित सुनील सोलंकी ने बताया कि वह तहसीलदार और नायब तहसीलदार के चक्कर काट कर परेशान हो गए थे। उन्होंने तहसीलदार को आवेदन दिया था कि सीमांकन कर उनकी भूमि चिन्हित करके बता दें। क्योंकि उनके सामने की गोचर भूमि है, जिस पर उनका ही अधिकार था। उस पर कोई दूसरा कब्जा कर रहा है। उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने तहसीलदार से सुनवाई का बोला, तो उन्होंने बाद में आने का बोला और जब बाद में गये तो भी उन्हें भगा दिया गया। इसलिए उन्होंने गाड़ी से निकाल कर जहरीली दवाई पी ली। अब वे चाहते हैं कि उन्हें न्याय मिले और उनकी भूमि को अतिक्रमण और कब्जे से मुक्त कराया जाए।

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राजस्व विभाग पर दबाव बनाने पिया जहर
वहीं, मंडलेश्वर एसडीएम अनिल जैन ने बताया कि संदीप नाम के व्यक्ति ने तहसील कार्यालय के सामने जहर पीने का प्रयास किया है। उसको लेकर मालूम चला है कि जनवरी माह में आरआई और पटवारी ने उसकी जमीन का सीमांकन किया था। इसमें मूल रकबे से अधिक जमीन पर वह काबिज मिला है। उसके सीमांकन की रिपोर्ट भी उसको दी जा चुकी है। उसकी जमीन का नक्शा देकर समझाइए भी दी गई है।



लेकिन उसके मन में जो भ्रम की स्थिति है, उसके चलते राजस्व विभाग पर दबाव बनाने के लिए उसने यह काम किया है। कुछ दिन पूर्व भी आरआई को उसने अपशब्द कहे थे, जिसको लेकर थाने पर शिकायती आवेदन भी दिया था। जहां से इसे समझाइश देकर छोड़ गया था। लेकिन यह इसी प्रकार के व्यवहार का आदी है और नायब तहसीलदार ने बताया है कि वह मानसिक रूप से परेशान भी है।

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