मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को प्रदेश के धार्मिक तीर्थनगर ओंकारेश्वर पहुंचे। इस दौरान सीएम ने जहां एक ओर प्रदेश में जिस-जिस जगह भगवान श्री कृष्ण के पग रखाए हैं, उन देव स्थानों को तीर्थस्थल बनाने की घोषणा की।
वहीं, दूसरी ओर प्रदेश में स्थित भगवान श्रीराम के अलौकिक स्थल चित्रकूट धाम को भी संवारने को लेकर लिए गए अपने संकल्प को दोहराया। सीएम ने ओंकारेश्वर के गौमुख घाट में अपने धर्मगुरु, दादा गुरु महाराज की नर्मदा परिक्रमा के समापन अवसर पर मां नर्मदा की पूजा अर्चना भी की। उसके बाद ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कर मंच से कई बड़ी घोषणाओं को लेकर संबोधन दिया। इस दौरान सीएम के साथ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी एवं स्थानीय नेता और अधिकारी मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें: एसपी कार्यालय में हुआ हंगामा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा की गिरफ्तारी की मांग
मंगलवार को ओंकारेश्वर में गौमुख घाट पर दादा गुरु द्वारा पैदल शुरू की गई। नर्मदाजी की परिक्रमा का समापन हुआ। उनकी इस तीसरी परिक्रमा के समापन पर सीएम डॉक्टर यादव भी ओंकारेश्वर पहुंचे थे। जहां दादा गुरु के सानिध्य में सीएम के द्वारा मां नर्मदाजी का पूजन अर्चन कर अभिषेक किया गया, जिसके बाद सीएम यादव के साथ दादा गुरु महाराज ने ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर और श्री ममलेश्वर को अमरकंठ का जल चढ़ाया। इस अवसर पर कन्या भोजन एवं महाप्रसादी भंडारा भी आयोजित हुआ। बता दें कि दादा गुरु विगत चार वर्ष से निराहार रहकर केवल मां नर्मदाजी का जल ग्रहण करते हैं और आज उनकी तीसरी नर्मदा परिक्रमा का समापन था। इसकी शुरुआत ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर से नवंबर 2024 को की गई थी। इस दौरान दादा गुरु ने मां नर्मदाजी को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त रखने के लिए प्रवचन भी दिए।
यह भी पढ़ें: EWS वर्ग को लगा हाईकोर्ट से झटका, नहीं मिलेगा आयु सीमा छूट का लाभ
'जिस जगह श्री कृष्ण ने रखे कदम, वहां बनेंगे तीर्थस्थल'
ओंकारेश्वर पहुंचे सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने मंच से अपने धर्मगुरु महाराज, दादा गुरु को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। और वे कामना करते हैं कि आने वाला 2028 का सिंहस्थ बहुत ही अच्छे प्रकार से हो। साथ ही सीएम यादव ने कहा कि हम सब जानते हैं कि भगवान कंस को मार कर भगवान कृष्ण मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण करने आए थे। इसलिए वे कामना करते हैं कि अबकी बार जब दादा गुरु की नर्मदा परिक्रमा चालू हो तो भगवान कृष्ण ने जहां-जहां और जिस-जिस जगह लीलाएं की हैं, उन्होंने चरण धरे हैं। ऐसे सभी देव स्थान को तीर्थ के रूप में वे बनवाने जा रहे हैं और ऐसे स्थान को जब तीर्थ बनाने का वे संकल्प लें तो उस समय उन्हें दादा गुरु का आशीर्वाद भी मिले।
चित्रकूट धाम के लिए भी कर रहे संकल्प
इसके साथ ही सीएम ने दादा गुरु महाराज से कामना की कि उनके माध्यम से वे सभी सत्कर्म करते जाएं। वहीं, उन्होंने चित्रकूट धाम में पूर्व जन्म में भगवान राम के द्वारा की गई आनंद की आलौकिक लीलाओं का भी वर्णन किया और कहा कि चित्रकूट के अलौकिक धाम से भगवान श्रीराम ने माता सीता और भैया लक्ष्मण के साथ जो अलौकिक आनंद जगमगाया था और उसका आनंद लिया था। इसके चलते हम उस धार्मिक स्थान के लिए भी संकल्प कर रहे हैं।