मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह को उनके ही विधानसभा के एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी से मिली धमकी के बाद उस पर मंत्री शाह की प्रतिक्रिया सामने आई है। कैबिनेट मंत्री शाह ने कहा है कि क्षेत्र की जनता के लिए वे जान की बाजी लगाते हैं और आगे भी लगाते रहेंगे। इसी तरह जनता भी उनके लिए जान की बाजी लगाती है तो ऐसी धमकी देने वाले लोगों को जनता छोड़ेगी नहीं।
यही नहीं मंत्री शाह ने कहा कि वह तो खुद ही उस धमकी देने वाले के घर गए थे। बोले, बता कहां है तेरी बंदूक और कहां है तेरी लुगाई। जहां वे भाभी जी को प्रणाम भी करके आए हैं और उन्होंने इसके लिए प्रशासन को भी पांच से सात दिन का समय कड़ी कार्रवाई करने को लेकर दिया है। और वे तो ऐसी धमकी का सम्मान करते हैं। इससे बगैर डरे जनता की 35 साल से सेवा करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। बता दें कि मंत्री शाह को उनकी ही हरसूद विधानसभा क्षेत्र के मुकेश दरबार का तीन दिन में जान से मारने की धमकी देने का ऑडियो वायरल हुआ था, जिस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
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'35 साल से क्षेत्र की जनता के लिए लड़ते हैं'
कैबिनेट मंत्री डॉ. विजय शाह को मिली धमकी के बाद जब वे अपने समर्थकों से मिलने अपनी विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से चर्चा के दौरान जब उनसे सवाल पूछा गया कि इस धमकी को लेकर उनका क्या कहना है। तब मंत्री शाह ने कहा कि यह पूरा मामला तो धमकी देने वाला ही बता सकता है। हम तो केवल उसकी धमकी का सम्मान कर रहे हैं। प्रजातंत्र में जान की बाजी लगाकर 35 साल से हम क्षेत्र की जनता के लिए लड़ते हैं। लेकिन जैसी उसने धमकी दी है, वैसे यदि उसने गलती से अगर कोशिश भी की तो क्योंकि मेरे सरकार है और मैं मंत्री हूं तो मैं तो नहीं चाहता हूं कि लोगों को भड़काया जाए। लेकिन उसकी दी गई सोशल मीडिया की पोस्ट और वॉइस रिकॉर्डिंग को लेकर आज हजारों लोग हमारे साथ खड़े हैं तो इसका कुछ तो कारण होगा।
'न बंदूक मिली, न तेरी लुगाई मिली'
मंत्री शाह ने आगे कहा कि जो लोग राजनीति में सक्सेस नहीं हो पाए। वह मुकेश दरबार जैसे छोटे लोगों के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने का प्रयास करते हैं। जान से मारने की धमकी दिए, उसका आज दूसरा या तीसरा दिन था। और मैं तो खुद ही उसके घर चला गया था कि भाई आपने बुलाया तो हम चले आए। कहां है तेरी बंदूक चलाओ। वहीं, मंत्री ने मीडिया से कहा कि अब आप लोग यह उससे ही पूछना कि जिसको तूने मारने का कहा था। वह खुद ही तेरे घर चला गया। वहां न तेरी बंदूक मिली, न तेरी लुगाई मिली। हम तो सम्मान से भाभी जी को प्रणाम किए थे कि भाभी जी हम आ गए।
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'जनता छोड़ेगी नहीं, ये सबको समझा देना'
वहीं मंत्री शाह ने कहा कि ऐसा व्यक्ति जो लोगों को और समाज को डिस्टर्ब करे। पांच-पांच, दस- दस जिस पर केस हों और जो जिलाबदर रह चुका हो। ऐसे लोगों को ठिकाने लगाना पुलिस प्रशासन का काम है। यहां सरकार हमारी है, मुख्यमंत्री हमारे हैं। हमने प्रशासन को भी कहा है कि 5 से 7 दिन में कठोर कार्रवाई करे और इसको लेकर जनता को गुमराह न करें। क्योंकि यह प्रदेश की वह जनता है, जिसने विजय शाह को चुना है। विजय शाह और जनता एक दूसरे के पूरक हैं। हम एक दूसरे के लिए जान की बाजी लगाते हैं, जिस दिन यह जनता पर आई तो हम जान की बाजी लगाते हैं और जिस दिन हमको किसी ने चैलेंज किया तो ये लोग उसको छोड़ेंगे नहीं तो यह सब को समझा देना।