मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के छैगांव माखन तहसील अंतर्गत आने वाले गांव कोंडावद में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शुक्रवार को यहां एक साथ गांव के आठ लोगों का अंतिम संस्कार किया गया। यहां चारों ओर हर किसी की आंखों में केवल आंसू ही आंसू दिखे। लोगों के दिल में दर्द ऐसा कि पूरे गांव में नहीं जला चूल्हा। कुएं में डूबकर जान गंवाने वाले सभी आठ लोग गांव के चहेते थे। वे स्वेच्छा से हर त्योहार में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते और पर्वों को बड़े ही उत्साह पूर्वक मनाते आ रहे थे। यही नहीं, ये लोग गांव में भी हर किसी की मदद किया करते थे। इसीलिए इस साल भी गणगौर पर्व पर इन लोगों ने हर बार की तरह ही कुएं की सफाई का बीड़ा उठाया था, लेकिन इस बार होनी को कुछ और ही मंजूर था।
साथियों को बचाने में चली गई आठ जान
कुएं की सफाई करने पहले उतरे दो लोग जब वापस नहीं आए, तो उन्हें बचाने के लिए एक के बाद एक 6 लोग और इस मौत के कुएं में समा गए। शुक्रवार का दिन पूरे गांव के लिए मातम लेकर आया। यहां जिन सिरों पर रखकर माता के रथ ले जाने थे, उन्हीं लोगों की अर्थियां गांव के लोगों के कंधों पर देख सभी के आंखों में आंसू भर आए। इधर कोंडावद गांव के मुक्ति धाम पर सबकी सांसें उस समय थम गईं, जब गांव की एक बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। दरअसल घटना में मृतक वासुदेव पटेल की 6 पुत्रियां हैं। उनका कोई भी पुत्र नहीं था। इसलिए उनकी 15 वर्षीय बड़ी पुत्री ने ही पिता को शमशान में मुखाग्नि दी। इस दौरान बाकी पुत्रियां भी साथ नजर आईं। यह दृश्य देखकर सारे लोगों की आंखों से आंसू झलक पड़े।
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मृतकों को मिले 50 लाख रुपये का मुआवजा
अंतिम संस्कार के बाद भी परिजन सिसकियां भर रहे थे और अपनों को याद कर रहे थे। ये सभी मृतकों का पूरा परिवार इन पर ही निर्भर था। हालांकि कल देर रात ही प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी मृतकों के लिए चार-चार लाख रुपये देने की घोषणा कर दी है। ग्रामीणों की मांग है कि इन सभी मृतकों के परिवार को कम से कम 50-50 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। जिससे उनके जीवन यापन में आसानी होंगी।
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पंधाना विधायक भी पहुंचीं अंतिम संस्कार में
गुरुवार जो हुई घटना के दौरान पंधाना विधायक भी मौके पर पहुंची थीं। वे राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रही थीं, जिसके बाद शुक्रवार को भी पंधाना विधायक छाया मोरे मृतकों के परिजनों के बीच पहुंची। अंतिम संस्कार के समय भी उन्होंने शोकाकुल परिवार के लोगों से मिलकर उन्हें ढाढस बंधाया। उसके बाद ग्रामीणों से कहा कि हमारी सरकार दुःख की इस घड़ी में परिजनों के साथ है। वे मुख्यमंत्री से बात कर मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद दिलवाएंगी।