वाहन चैकिंग के दौरान गुरुवार की रात भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व महापौर प्रभात साहू तथा यातायात आरक्षण के बीच हुआ हिंसक विवाद थाने तक पहुंच गया है। विभागीय कार्रवाई करते हुए यातायात आरक्षक को निलंबित कर दिया गया था। पूर्व महापौर की शिकायत पर यातायात आरक्षक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरक्षक ने भी पूर्व महापौर के खिलाफ आवेदन दिया है, जिसे जांच में लिया गया है।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व महापौर गुरुवार की शाम अपने दोपहिया वाहन में सवार होकर बलदेव बाग चौक से निकल रहे थे। इस दौरान वाहन चेकिंग में तैनात पुलिसकर्मी कृष्ण कुमार पाल उन्हें रोककर अभ्रदता करने लगा। उन्होंने अपना परिचय देने की प्रयास किया तो पुलिस कर्मी ने उनके सिर पर वॉकी-टॉकी से हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर सांसद आशीष दुबे, स्थानीय विधायक अभिलाष पांडे, नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, भाजपा नेता सोनू बचवानी सहित पार्टी के नेता व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंच गए थे। इस दौरान पुलिस विभाग पर वाहन चेकिंग का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की गई थी। हंगामे की स्थिति दो घंटे तक बनी रही और इस दौरान सड़क के एक तरफ से यातायात बाधित था।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अंजना तिवारी ने बताया कि विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए आरक्षक कृष्ण कुमार पाल को निलंबित करते हुए उसके खिलाफ जांच के निर्देश जारी किए हैं। पूर्व महापौर प्रभात साहू की शिकायत पर यातायात आरक्षक के खिलाफ लार्डगंज थाने प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरक्षक की तरफ से भी पूर्व महापौर के खिलाफ लार्डगंज थाने में आवेदन दिया गया है, जिसे जांच में लिया गया है।
यातायात आरक्षक ने अपने आवेदन में आरोप लगाए हैं कि पूर्व महापौर बिना हेलमेट पहने बिना नम्बर की दो पहिया गाड़ी से आ रहे थे। वाहन चेकिंग के दौरान रोकने पर उन्होंने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की की थी।