मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 दिसंबर को इंदौर स्थित रेसिडेंसी कोठी में शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। इस अहम बैठक का मुख्य एजेंडा इंदौर मेट्रो ट्रेन का अंडरग्राउंड रूट रहेगा। सरकार के दो वर्ष पूरे होने के बाद इंदौर में हो रही इस समीक्षा बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान शहर को कई बड़ी सौगातें मिलने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक में इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी एरिया की घोषणा भी हो सकती है। पहले इसका प्रस्तावित क्षेत्रफल छह हजार वर्ग किलोमीटर था, जिसे बाद में इंदौर विकास प्राधिकरण ने बढ़ाकर नौ हजार वर्ग किलोमीटर कर सरकार को भेजा है। इस विस्तारित क्षेत्र में उज्जैन, देवास, महू और धार की पंचायतों के साथ कुछ नगरीय निकायों को शामिल किया जा सकता है। मेट्रोपॉलिटन एरिया की अंतिम सीमा का खुलासा बैठक के दौरान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री इंदौर मेट्रो के रूट को लेकर भी अंतिम निर्णय ले सकते हैं। यह तय किया जाएगा कि अंडरग्राउंड रूट में कोई बदलाव होगा या पहले से तय योजना को ही लागू रखा जाएगा। गौरतलब है कि हाल ही में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौजूदा अंडरग्राउंड रूट पर आपत्ति जताते हुए मेट्रो को बंगाली कॉलोनी से ही भूमिगत करने का सुझाव दिया था।
मेट्रो के साथ-साथ बैठक में बीआरटीएस कॉरिडोर की बस रैलिंग हटाने में हो रही देरी पर भी चर्चा होगी। नौ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद रैलिंग नहीं हटने पर हाईकोर्ट ने भी नाराजगी जाहिर की है। इसके अलावा बीआरटीएस मार्ग पर प्रस्तावित नए ब्रिजों को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है।
समीक्षा बैठक में सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए शहर में चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी। शहर के मास्टर प्लान के तहत 23 सड़कों पर काम शुरू हो चुका है, हालांकि कुछ मार्गों पर अब भी बाधक निर्माण हटाए नहीं जा सके हैं, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है।