अब तक आपने सुना होगा कि किसी शहीद जवान या बड़े राजनेता के निधन के बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश में पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि एक सामान्य नागरिक की मृत्यु के बाद भी उसे गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।
दरअसल, ग्वालियर के थाटीपुर क्षेत्र स्थित हरीपुरम कॉलोनी में शुक्रवार रात 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला पंचों बाई का निधन हो गया। उन्होंने जीवनकाल में अपने शरीर का देहदान करने का संकल्प लिया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की हालिया घोषणा के तहत, बुजुर्ग महिला को निधन के बाद घर पर राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उनकी देह को ग्वालियर जीआरएमसी मेडिकल कॉलेज दान किया गया।
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महिला की बेटी देवेंद्र ने बताया कि इससे पहले उनके पति बाबूलाल जाटव भी मेडिकल कॉलेज को देहदान कर चुके हैं। परिजनों के अनुसार, उनकी पोती पारुल को विदिशा के शासकीय मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिला था, लेकिन वहां रिसर्च के लिए शरीर उपलब्ध नहीं था। यह बात पारुल ने अपने दादा-दादी को बताई थी, जिसके बाद दोनों बुजुर्गों ने देहदान का निर्णय लिया, ताकि भविष्य में किसी छात्र को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े।
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उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब जो लोग अपने अंग या पूरा शरीर मरणोपरांत दान करेंगे, उन्हें अंतिम संस्कार के समय गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया जाएगा। साथ ही, देह या अंग दान करने वाले व्यक्ति के परिवार को 26 जनवरी या 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इसी क्रम में आज ग्वालियर में पहली बार देहदान करने वाली बुजुर्ग महिला को राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।