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Guna News: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, सकल हिंदू समाज ने सौंपा ज्ञापन

Wed, 04 Dec 2024 02:37 PM IST
गुना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना

बांग्लादेश में हिंदू समाज सहित तमाम अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ सकल हिंदू समाज ने गुना के हनुमान चौराहे पर एकत्रित होकर विरोध-प्रदर्शन किया। साथ ही रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया, जिसमें भारत सरकार से पड़ोसी देश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।

दअरसल, गुना में सकल हिंदू समाज के आह्वान पर मंगलवार की दोपहर लगभग 1 बजे हजारों की संख्या में लोग हनुमान चौराहे पर एकत्र हुए। विरोध-प्रदर्शन के दौरान मंच से साध्वी राधा किशोरी सहित कई साधु-संतों और हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने संबोधन दिया। सभी ने कड़े शब्दों में बांग्लादेश की घटनाओं की निंदा की। इसके बाद हनुमान चौराहे से एक विशाल रैली शुरू हुई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन में केंद्र से हस्तक्षेप की मांग करते हुए बांग्लादेश में सामने आई 10 बड़ी घटनाओं का जिक्र किया गया।

रैली के माध्यम से हिंदू समाज ने भारत सरकार से कूटनीति के माध्यम से बांग्लादेश पर नकेल कसने की मांग की है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से भी आवश्यक कार्रवाई का आह्वान किया गया।

प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित कई संगठनों के जिलाध्यक्ष, पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। विरोध-प्रदर्शन के दौरान हनुमान चौराहे पर भगवा ध्वज लहराकर हिंदू एकता का आह्वान किया गया।

दरअसल, बांग्लादेश में हाल ही में हुए तख्तापलट के बाद अल्पसंख्यक, खासकर हिंदुओं पर हमले और प्रताड़ना के मामलों में तेजी आई है। ज्ञापन में पिछले कुछ महीनों में हुई घटनाओं का हवाला दिया गया। इसमें रंगपुर में ऐतिहासिक काली मंदिर पर हमला और मंदिर को आग के हवाले करने, चटगांव में हिंदू किशोरी का अपहरण, धर्मांतरण और नृशंस हत्या, कुमिला में दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल पर हमला और देवी प्रतिमाओं का अपवित्रकरण, नरेनगंज में हिंदू व्यवसायियों की दुकानों को आग के हवाले करने, सिलहट में प्रतिष्ठित हिंदू पुजारी की दिनदहाड़े हत्या, गाजीपुर में हिंदू परिवारों को जबरन घरों से बेदखल करने, बारीसाल में हिंदू महिला के साथ सामूहिक बलात्कार, फेनी में हिंदू बहुल गांव में आगजनी और सैकड़ों लोगों का विस्थापन, राजशाही में होली उत्सव पर हिंदुओं पर हमला और संपत्ति की लूटपाट और राजधानी ढाका में प्रमुख हिंदू मंदिर पर हमला व धार्मिक ग्रंथों का अपवित्रकरण शामिल हैं।

सभा में वक्ताओं ने इन घटनाओं पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह केवल धार्मिक अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न नहीं है, बल्कि मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि भारत, जो धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है, अपने पड़ोसी देशों में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा अग्रसर रहा है।

वक्ताओं ने मांग की कि भारत सरकार इन घटनाओं पर तुरंत हस्तक्षेप करे और बांग्लादेश सरकार पर कूटनीतिक दबाव बनाए। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाकर हिंदू समुदाय को सुरक्षा और न्याय दिलाने का प्रयास करे। सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। यह जन आक्रोश सभा एकजुटता और न्याय की मांग का प्रतीक बनी, जिसने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के दर्द को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
 

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