प्रदेश सरकार के राजस्व महा अभियान 2.0 में पूरी क्षमता से काम करने के बावजूद लक्ष्य पूरा नहीं होने पर पटवारियों को शासन और प्रशासन द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। मानसिक तनाव से परेशान होकर जिलेभर के पटवारी सोमवार को जिला मुख्यालय पर एकजुट हुए और महा अभियान की प्रगति के लिए अनावश्यक दबाव के विरोध में मंगलवार से तीन दिन के सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया है।
प्रांतीय पटवारी संघ के आह्वान पर शहर के एक निजी गार्डन में एकत्र हुए पटवारियों ने सबसे पहले विभागीय कार्यों में आने वाली समस्याओं को वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने रखा। कई पटवारियों ने बताया कि बारिश के कारण नक्शा तरमीम करने में परेशानी आ रही है। लेकिन, इस व्यावहारिक दिक्कत को प्रशासन के आला अधिकारी और प्रदेश सरकार समझने के लिए तैयार नहीं हैं। काम के दबाव के चलते पटवारियों का पारिवारिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। कई पटवारियों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ा है और उन्हें उपचार की आवश्यकता पड़ी है। इसके बावजूद, जिला प्रशासन ने राजस्व महा अभियान 2.0 में अपेक्षित प्रगति न होने पर 5 पटवारियों को निलंबित कर दिया।
अभियान में आंकड़ों को बढ़ाने का दबाव इतना है कि पटवारियों को 16 से 18 घंटे तक काम करना पड़ रहा है, जबकि विभाग की ओर से संसाधन न के बराबर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे कई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। इन समस्याओं के विरोध में पटवारी संघ के कार्यकारी जिला अध्यक्ष कृष्णगोपाल मीना के नेतृत्व में पटवारियों ने सामूहिक प्रस्ताव पास कर सोमवार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। आज मंगलवार को सामूहिक अवकाश का आवेदन दिया जाएगा। अगर, तीन दिनों के अवकाश के बावजूद प्रताड़ना कम नहीं होती है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।