मध्यप्रदेश का अन्नदाता इन दिनों खाद की किल्लत से इतना परेशान है कि उसके लिए 12 महीने में आने वाला त्यौहार और रोज गुजरने वाले दिन सब एक जैसे ही नजर आ रहे है। ऐसा ही नजारा मध्यप्रदेश के गुना जिले में देखने को मिला है। बता दें कि मंगलवार को एक तरफ पूरा देश धनतेरस के उत्साह में डूबा हुआ था। वहीं किसान नानाखेड़ी स्थित डबल लॉक खाद वितरण केंद्र पर डीएपी के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए। हालांकि उसके बावजूद भी किसानों को डीएपी उपलब्ध नहीं हो सकी है।
दरअसल, नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में खाद की रैक आने की सूचना पर दर्जनों किसान मंगलवार को केंद्र पर पहुंच गए, लेकिन मौके पर आकर पता चला कि 2 नवंबर को रैक आएगी। इसके बाद वितरण हो सकेगा। अधिकारियों के इस तर्क से किसान संतुष्ट नहीं दिखे, उनका तर्क था कि, इससे पहले भी डीएपी की कई रैक आ चुकी हैं, लेकिन आम किसानों को खाद मिलने में परेशानी हो रही है। जबकि प्रभावशाली किसान या राजनेताओं से संपर्क रखने वाले संपन्न किसानों को खाद मिल चुकी है। किसानों ने प्रदेश सरकार के दावों को भी नकार दिया है, जिसमें बताया जा रहा था कि सभी किसानों को आसानी से खाद मिल रहा है।
किसानों ने बताया कि उन्हें केवल एनपीके दिया जा रहा है जो कम उपयोगी और ज्यादा महंगा है। कुल मिलाकर त्यौहारी सीजन में भी किसानों को अपनी बोवनी की चिंता है, इसलिए वे मंगलवार को इस उम्मीद से पहुंच गए कि नानाखेड़ी में खाद मिल जाएगी और भीड़ भी कम होगी, लेकिन सभी किसानों को निराश होकर ही वापस लौटना पड़ गया।