मक्का की बंपर आवक होने की वजह से जिले की नानाखेड़ी मंडी में पैर रखने के लिए जगह नहीं बची है। इसे देखते हुए प्रशासन ने दशहरा मैदान में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भेज दिया, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं होने की वजह से सोमवार को किसान भड़क गए और रिलायंस पेट्रोल पम्प के समीप चक्काजाम कर दिया। इस दौरान किसानों और यातायात डीएसपी के बीच बहस भी हुई।
जानकारी के मुताबिक नानाखेड़ी मंडी के सभी टीनशेड और खाली पड़ी जगह मक्का की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से भर चुकी है। मंडी प्रबंधन के पास परिसर में कोई जगह उपलब्ध नहीं है, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ठहराया जा सके। इसके बाद जिला प्रशासन की सहमति पर किसानों के वाहनों को दशहरा मैदान पर पहुंचा दिया गया, जहां देखते ही देखते एक हजार से ज्यादा वाहन एकत्रित हो गए। इतनी बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली रुकवाकर मंडी प्रबंधन और जिला प्रशासन दशहरा मैदान में पानी और बिजली जैसी व्यवस्थाएं करना भूल गया।
करीब दो दिनों से दशहरा मैदान पर परेशान हो रहे किसानों ने प्रशासन तक अपनी समस्या पहुंचाने के लिए रिलायंस पेट्रोल पम्प पर चक्काजाम किया। जिसके बाद गुना और शिवपुरी जाने वाला मार्ग बंद हो गए, जाम खुलवाने के लिए यातायात डीएसपी अपनी जीप से पहुंचे तो किसान उसके सामने खड़े हो गए और चेतावनी दी कि, वे जब तक जीप के सामने से नहीं हटेंगे तब तक की दशहरा मैदान में व्यवस्थाएं नहीं जुटा दी जाती हैं। बताया जा रहा है अधिकारियों के आश्वासन पर फिलहाल किसान मान गए हैं, लेकिन चेतावनी दी है कि कुछ घंटों के भीतर अगर बिजली और पानी का इंतजाम नहीं किया गया तो वे इंतजार नहीं करेंगे। उधर कुछ किसानों ने खरीदी प्रक्रिया धीमी गति से चलने का आरोप लगाया है।