गुना जिले में वन भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर बंजारा और भील समुदाय में जारी विवाद अब खूनी संघर्ष में बदल चुका है। लगभग एक महीने पहले फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र के ग्राम पनहेटी में इन दोनों समुदायों के बीच जमकर विवाद और मारपीट हुई थी। इसमें घायल भील समाज के एक बुजुर्ग की सोमवार रात इंदौर में मौत हो गई। इसके बाद भील समाज आक्रोशित होकर बंजारा समाज के 12 टपरों में आग लगा दी। इस दौरान भारी नुकसान हुआ है, कई लोग बेघर हो चुके हैं।
घटनाक्रम के संबंध में जानकारी सामने आई है कि पनहेटी गांव में वन भूमि पर कब्जा करने के लिए भील और बंजारा समुदाय दोनों के बीच कई महीने से विवाद चल रहा है। इसी दौरान 30-31 अक्तूबर को दोनों समुदाय के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में गल सिंह भील और कल्लू बंजारा घायल हुए थे। गल सिंह भील ने उपचार के दौरान सोमवार रात इंदौर में दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी जैसे ही फतेहगढ़ के पनहेटी क्षेत्र में भील समुदाय को मिली, उन्होंने आक्रोशित होकर बंजारा समाज के रिहायशी क्षेत्र पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भील समाज ने 12 घरों में आगजनी और काफी देर तक तोड़फोड़ करते रहे। घटना के दौरान एक कार, तीन से चार मोटर साइकिल और भारी मात्रा में अनाज जल गया। बताया जा रहा है कि आगजनी के दौरान बंजारा समाज के लोग खेतों में मजदूरी के लिए गए थे। इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई। विवाद गहराने की जानकारी मिलने पर गुना-बमौरी एसडीएम शिवानी पांडे, एसडीओपी विवेक अष्ठाना सहित वन विभाग के कई अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और संघर्ष को टालने के उद्देश्य से पीड़ित परिवारों को आश्रय मुहैया कराया है। एसडीएम ने खाद्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह आगजनी प्रभावित परिवारों को अनाज उपलब्ध कराए। वहीं, ग्राम पंचायत सचिव को पूड़ी-सब्जी बनवाकर पीड़ितों को वितरित करने के लिए कहा।
गांव में तैनात है पुलिस
दो समुदायों में विवाद गहराने की घटना के बाद पनहेटी गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। एसडीओपी की अगुवाई में फतेहगढ़, बमौरी सहित आसपास के क्षेत्र से पुलिस बल बुलाया गया है। प्रशासन के मुताबिक, मृतक गल सिंह भील का शव मंगलवार रात पनहेटी पहुंचेगा। उसके बाद संभावित विवाद को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है। पुलिस की मौजूदगी में ही गल सिंह का अंतिम संस्कार करने की जानकारी सामने आ रही है।