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Dindori News: पानी की किल्लत से त्रस्त टिकरिया गांव के आदिवासियों का सड़क पर धरना, सभी हैंडपंप सूखे

Fri, 13 Jun 2025 04:45 PM IST
डिंडोरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिंडौरी

डिंडौरी जिले के समनापुर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत टिकरिया गांव के बैगा आदिवासी समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को पीने के पानी की गंभीर समस्या के विरोध में सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन किया। पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीण खाली बर्तन लेकर किकरझर गांव में डिंडौरी-समनापुर मुख्य मार्ग पर बैठ गए, जिससे मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।

टिकरिया गांव में लगभग 500 बैगा आदिवासी परिवार निवास करते हैं, जो वर्षों से जल संकट से जूझ रहे हैं। गांव के सभी पांच हैंडपंप पूरी तरह से सूख चुके हैं, जिससे पीने तक का पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों की एकमात्र उम्मीद सरई ग्राम पंचायत द्वारा संचालित नल-जल योजना थी, लेकिन वह भी सिर्फ नाममात्र की सेवा दे रही है। पानी की आपूर्ति अनियमित है और कई दिनों से बिल्कुल ठप पड़ी है।

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स्थानीय निवासी ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं सभी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। गर्मी के इस मौसम में स्थिति और भयावह हो गई है। हमने कई बार पंचायत से लेकर जनपद तक शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर हमें सड़क पर बैठना पड़ा।

धरने की खबर लगते ही पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग के इंजीनियर डीके कोल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि सरई क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जिसके कारण नल-जल योजना भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही वैकल्पिक उपाय कर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारी की बातों से संतुष्ट न होते हुए आदिवासी समुदाय के लोगों ने धरना जारी रखा। उनका कहना था कि जब तक पानी की नियमित व्यवस्था नहीं होती, वे आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल आश्वासन से पेट नहीं भरता, पानी चाहिए — वह भी हर दिन, हर घर तक।

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घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। बैगा आदिवासी समाज की यह पहल एक चेतावनी है अगर मूलभूत सुविधाएं नहीं दी गईं, तो जनजातीय समुदाय भी अब चुप नहीं बैठेगा।

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