देवास जिले के उदयनगर थाना क्षेत्र के धोबघट्टा गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। शनिवार रात गांव से करीब दो किलोमीटर दूर खेत पर बने मकान में एक किसान परिवार के चार सदस्यों—पति, पत्नी और दो बेटियों—ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में सभी को इंदौर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान पति, पत्नी और एक बेटी की मौत हो गई। दूसरी बेटी का इलाज अभी भी इंदौर में जारी है।
इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है। मृतक किसान राधेश्याम एक साधारण किसान थे और गांव में मिलनसार व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। उसके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी की शादी पहले ही हो चुकी थी, जबकि दो बेटियों की अभी शादी नहीं हुई थी। राधेश्याम का बेटा सोहन करीब छह महीने पहले गांव छोड़कर चला गया था।
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खेत पर बनी झोपड़ी में घटी घटना
राधेश्याम अपने परिवार के साथ खेत पर बने मकान में रह रहा था। शनिवार रात वह अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ खेत पर था। परिवार के साथ चाय पीने के बाद वह खेत में गया और वहीं कीटनाशक दवाई को एक लोटे में भरकर पी गया। इसके बाद उसकी पत्नी और दोनों बेटियों ने भी वही ज़हर पी लिया। राधेश्याम की 70 वर्षीय मां बदी बाई ने बताया कि उसने यह सब देखा और गांव में जाकर लोगों को सूचना दी। गांववाले रात में ही खेत पर पहुंचे और सभी को इलाज के लिए इंदौर के अस्पताल ले जाया गया।
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पारिवारिक विवाद बना आत्महत्या की वजह
परिवार के सदस्यों ने बताया कि राधेश्याम पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। मृतक किसान की तीसरी बेटी और उसके साढ़ू ने बताया कि राधेश्याम का बेटा सोहन, जनवरी 2025 में अपने ही चचेरे भाई की बहू (तीन बच्चों की मां) को भगा ले गया था। उस घटना के बाद से राधेश्याम के परिवार पर काफी सामाजिक और पारिवारिक दबाव बनाया जा रहा था। महिला को वापस लाने को लेकर गाली-गलौज और धमकियां दी जा रही थीं। इसी मानसिक दबाव से परेशान होकर राधेश्याम ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
परिवार ने की न्याय की मांग
राधेश्याम के परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि राधेश्याम और उसके परिवार ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। यदि किसी ने जानबूझकर मानसिक दबाव बनाया है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उदयनगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है।