दमोह शहर में एक बार फिर पशु वध को लेकर बवाल हो गया। शुक्रवार शाम करीब 4:00 बजे गौ सेवकों को खबर मिली कि कोतवाली थाना क्षेत्र के कसाई मंडी में एक घर में गाय को काटा गया। कुछ गौ सेवक वहां देखने पहुंचे तो कुछ लोगों से उनका विवाद हो गया। हालांकि यहां पुलिस मौजूद थी इसलिए विवाद नहीं बढ़ पाया। गौ सेवक वहां से लौटे और पुराने थाने पर रास्ता जाम कर दिया।
गौ सेवकों में शामिल नित्या प्यासी ने बताया कि हमारे साथियों को खबर मिली थी कि गाय काटी गई है। इसलिए वह देखने गए थे। वहां लोगों ने उन पर हमला किया है। पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। प्यासी ने बताया कि करीब 6 माह पहले भी ऐसे ही एक गोवंश की हत्या की गई थी, जिसे गौ सेवकों ने ही पकड़ा था और उस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाकर जेल भेजा गया था। इस मामले में फहीम नाम का एक व्यक्ति जो फरार है। वह आज वहां मौजूद था और उसने गालियां देकर गौ सेवकों को धमकाया। प्यासी का कहना है कि पुलिस ने कहा कि गौ सेवकों को कसाई मंडी नहीं जाना था। मैं जानना चाहता हूं कि क्या दमोह का कसाई मंडी भारत देश में नहीं आता। क्योंकि जहां भी गोवंश की हत्या की खबर मिलेगी गौ सेवक वहां जाएंगे और कार्रवाई भी करवाएंगे। उन्होंने कहा कि यह लोग लगातार गोवंश का वध कर रहे हैं और गोवंश को चोरी कर दूसरे प्रदेशों में परिवहन कर रहे हैं। आरोप ये भी है कि जब उस क्षेत्र में पुलिस चौकी संचालित है तो उसके बाद भी गौ हत्याएं या पशु वध क्यों हो रहे।
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इस मामले में सीएसपी एचआर पांडे का कहना है कि मंडी के पास एक घर में पशु वध की खबर मिली थी। टीआई मनीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पता चला है कि वह पड़ा है, गाय नहीं है। कुछ गौ सेवक वहां विरोध करने पहुंचे थे, लेकिन किसी के बीच कोई विवाद या मारपीट नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जो आरोपी इस मामले में सामने आएंगे उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। करीब 1 घंटे के विरोध प्रदर्शन के बाद सीएसपी पांडे के मनाने पर गौ सेवक माने और उन्होंने पुराने थाने का जाम समाप्त कर दिया, लेकिन सभी घंटाघर पहुंचे और वहां जाम लगाकर विरोध शुरू कर दिया है। फिलहाल पुलिस उन आरोपियों की तलाश कर रही है जिन्होंने पशु वध किया है। इधर गौ सेवक और हिंदू संगठन से जुड़े लोगों को भी पुलिस शांत रखने के समझाने में जुटी है। वहीं सोशल मीडिया पर चल रही गो हत्या से जुड़ी खबरों को लेकर दमोह एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से प्रेस को जानकारी दी है कि अफवाह न फैलाएं, गाय नहीं है भैंस का पड़ा है। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।