दमोह जनपद अंतर्गत आने वाले आनू गांव में शराबबंदी का निर्णय लिया गया। ग्रामसभा आयोजित कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गांव में शराब बनाना, बेचना और पीना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। इस निर्णय के तहत जो भी व्यक्ति गांव में अवैध शराब बिक्री करेगा। उस पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं गांव में शराब पीकर माहौल खराब करने वालों पर 2100 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। यदि इसके बाद भी कोई व्यक्ति नहीं मानता है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायत ने इस निर्णय को लागू करने के लिए पुलिस के साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों को शपथ दिलाई गई कि वे पूर्ण शराबबंदी का पालन करेंगे और शराब सेवन करने वालों की सूचना पुलिस को देंगे। लोधी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष हाकम सिंह ने बताया कि हलगज ग्राम पंचायत से शुरू हुई नशा मुक्ति की मुहिम अब आनू ग्राम पंचायत तक पहुंच गई है। आगामी दिनों में यह मुहिम रियाना और जुझार से होते हुए बलारपुर तक पहुंचेगी। इस मौके पर भगवती मानव कल्याण संगठन के प्रदेश नशा मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जगदीश सिंह ठाकुर, सीतू पंडा, पप्पू सिंह के साथ गांव के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
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बांदकपुर चौकी प्रभारी राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि ग्राम वासियों और जनप्रतिनिधियों की पहल पर पूर्ण शराबबंदी का नियम बनाया गया है। ग्रामीणों को पुलिस का सहयोग रहेगा वहीं ग्रामीणों को भी पुलिस की मदद करनी होगी तभी हम इस संकल्प को पूरा कर पाएंगे। बता दें आनू गांव में शराबबंदी का जो निर्णय ग्रामीणों ने लिया है, यह एक बहुत ही सार्थक पहल है। क्योंकि आनू गांव तीर्थ क्षेत्र बांदकपुर के नजदीक है जहां शासन के निर्देश के तहत शराब प्रतिबंधित है। अब यदि आसपास के गांव के लोग इसी तरह शराबबंदी करेंगे तो कई गांव का माहौल काफी अच्छा हो जाएगा।