'नेवर टायर्ड नेवर रिटायर्ड' देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के इसी मंत्र को मानते हुए दमोह के पूर्व सांसद, पूर्व कृषि मंत्री और वर्तमान राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण कुशमारिया 83 साल की उम्र में भी एक युवा की तरह मैराथन दौड़ में दौड़ते हुए नजर आए। जिसका वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। सरदार वल्लभ भाई पटेल की की जयंती के अवसर पर मंगलवार को स्टेडियम से रन फॉर यूनिटी के लिए डॉ रामकृष्ण कुशमारिया ने हरि झंडी दिखाई और बच्चों के साथ दौड़े।
बाबा जी के नाम से पूरे प्रदेश में पहचाने जाने वाले पूर्व मंत्री कुसमरिया को इस तरह युवाओं की तरह दौड़ते देखा रन फॉर यूनिटी में शामिल बच्चे व कलेक्टर, एसपी के साथ कई जनप्रतिनिधि भी दंग रह गए। क्योंकि 83 साल की उम्र में जहां व्यक्ति सहारा लेकर चलता है, लेकिन इस उम्र में बाबा जी युवाओं की तरह दौड़ रहे थे। जब उनसे अपनी सेहत के राज के बारे में पूछा तो डॉक्टर रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के साथ भी काम किया है।
उनका कहना था 'ना टायर्ड ना रिटायर्ड', जब तक जीवन है तब तक काम करना है। इसी बात को उन्होंने जीवन में उतारा। सादा जीवन, सादा खाना उन्होंने अपनाया। आज उनकी सेहत का यही राज है कि वह युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ लगा रहे हैं। पूर्व मंत्री कुसमरिया ने कहा कि इतने बड़ी महापुरुष की जयंती पर यदि उन्होंने कुछ दौड़ लगा ली तो ज्यादा कुछ नहीं किया। सरदार वल्लभभाई पटेल वह महापुरुष थे, जिन्होंने देश की 500 रियासतों को आपस में जोड़कर एक बहुत बड़ा काम किया था। उनकी जयंती के उपलक्ष्य में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों को सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन के बारे में बताया गया और उनके साथ दौड़ में भी वह शामिल हुए। स्टेडियम से यह दौड़ आयोजित की गई जो प्रमुख मार्ग से होते हुए वापस स्टेडियम पहुंची।