छिंदवाड़ा की कुसमैली स्थित कृषि उपज मंडी में शुक्रवार दोपहर अचानक बारिश के दौरान नीलामी के लिए किसानों का लाया लाखों का मक्का पानी में बह गया है। दरअसल यहां के तीन बड़े नीलामी शेड में व्यापरियों का खरीदा माल भरा था। मक्का लेकर आए किसान शेड के बाहर सड़क पर मक्का का ढेर लगाकर व्यापरियों के बोली लगाने का इंतज़ार कर रहे थे। अचानक बारिश आने से मक्का के ढेर भीगे नहीं बल्कि बह गए।
बारिश इतनी तेज थी कि इस दौरान किसान कुछ नही कर पाए। किसानों का लाखों का नुकसान हो गया है। सड़क पर ढेर लगाने की मजबूरी तब होती है जबकि मंडी के शेड में जगह ना हो, किन्तु मंडी में तो यह रोज का ही आलम है। यहां मक्का के एक दो नहीं बल्कि दर्जनों ढेर बह गए हैं। मंडी में शुक्रवार को मक्का की आवक 400 टन से ज्यादा की बताई गई है। जो मंडी शेड के बाहर पड़ा था।
मंडी में शेड किसानों के लिए ही बनाए गए हैं ताकि किसान मंडी में कृषि उपज बेचने आए तो उपज सुरक्षित रख सकें और सही दाम पर ना बिकें तो किसान शेड में ही उसे रखकर दूसरे दिन बोली में शामिल हो सकें, किन्तु छिंदवाड़ा की मंडी में हाल इसके उलट है। व्यापारी जो माल खरीदते हैं उसका स्टॉक शेड में करते हैं और किसान जो 60-60 किलोमीटर दूर से मंडी आता है वह शेड में जगह ना होने से शेड के बाहर उपज रखने को मजबूर होता है।