बुरहानपुर शहर के लालबाग थाना क्षेत्र की एक निजी स्कूल के निर्माणाधीन भवन में हुए दर्दनाक हादसे में तीन मजदूर हाई टेंशन करंट की चपेट में आ गए। जिसके बाद इनमें से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बाकी दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। बताया जा रहा है कि ये तीनों ही मजदूर स्कूल भवन की दूसरी मंजिल पर फायर सेफ्टी का काम कर रहे थे। इस दौरान भवन के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में फायर सेफ्टी का एक पाइप आ गया, जिससे लगे करंट के झटके से तीनों ही मजदूर नीचे गिर पड़े। इसके बाद तुरंत ही इन तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया, तो वहीं दो का इलाज जारी है।
बता दें कि तीनों ही मजदूर नेहरू मोंटेसरी स्कूल में फायर सेफ्टी के पाइप लगाने पहुंचे थे। तो वहीं हादसे को लेकर स्कूल संचालक मुफजल हुसैन का कहना है कि मजदूरों को स्कूल भवन में बनी सीढ़ियों का उपयोग करते हुए काम करने का कहा गया था, लेकिन वे लोग भवन के बाहरी तरफ लोहे के पाइप से बनी पाल बनाकर काम कर रहे थे। इस दौरान फायर सेफ्टी के लोहे के पाइप ऊपर चढ़ाते समय एक पाइप हाईटेंशन लाइन से टकराने से यह हादसा हो गया। हालांकि उन्होंने मजदूरों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी ली हुई है।
तीन मजदूरों में से हुए दो घायल और एक मृत
इधर इस हादसे की जानकारी देते हुए लालबाग थाना के सब इंस्पेक्टर जयपाल राठौर ने बताया कि नेहरू मांटेसरी स्कूल में तीन मजदूर फायर सेफ्टी पाइप लगा रहे थे। इस दौरान वहां स्कूल के टेरिस पर काम कर रहे ये तीनों ही मजदूर, हाइटेंशन लाइन में बह रहे करंट की चपेट में आ गए और बिजली का झटका लगने से तीनों ही नीचे गिर पड़े। जहां इस घटना में तीनों मजदूरों में से एक मजदूर, जोकि 26 वर्षीय मोहम्मद नवाज पिता मुश्ताक था, उसकी इस हादसे में मौके पर ही मौत हो गई है। जोकि शहर के दाउदपुरा का रहने वाला था।
वहीं इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया गया है। जिसके बाद अब मामले की जांच की जा रही है। वहीं एसआई राठौड़ ने बताया कि हादसे के शेष दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जिनमें 32 वर्षीय शेख फारुख और 34 वर्षीय जमील खान हैं। इनमें से एक घायल मोघट क्षेत्र का रहने वाला है, तो वहीं दूसरा घायल आजाद नगर का निवासी है। फिलहाल दोनों ही घायल युवकों का अस्पताल में इलाज जारी है।