बुरहानपुर में शनिवार को एक पुलिसकर्मी के साथ साइबर ठगी करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां ट्रैफिक थाने में पदस्थ आरक्षक आशीष तोमर को सायबर ठगों ने कॉल कर बेटे के दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार होने की बात बताई। हालांकि आरक्षक का बेटा मात्र 3 साल का है, जिस पर ठगी की आशंका होते ही उन्होंने सूझबूझ दिखाकर न सिर्फ खुद को ठगी से बचाया, बल्कि इंदौर इच्छापुर हाइवे पर अपनी वाहन चेकिंग की ड्यूटी के दौरान वहां से गुजर रहे आम नागरिकों को भी इस तरह के फेक कॉल करने वालों से जागरूक किया।
दरअसल, शनिवार दोपहर को चालानी कार्रवाई के दौरान आरक्षक आशीष तोमर के व्हाट्सएप पर एक फर्जी फ्रॉड कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए पुणे थाने से होने का हवाला दिया और उनके बेटे को रेप केस में फंसाने की बात कहकर पीड़िता के अस्पताल के इलाज के लिए 1 लाख 70 हजार रुपये की मांग की। कॉलर का प्रोफाइल फोटो ऐसा था, जिसमे किसी आईजी रेंक के अधिकारी का फोटो लगा था, जिससे साफ था कि यदि आईजी स्तर के अधिकारी फोन करेंगे तो उसे नहीं बल्कि एसपी स्तर के अधिकारी को करेंगे। वहीं, आशीष का बेटा विक्रम तोमर मात्र 3 वर्ष का है, जिससे उसके ऐसे किसी मामले में गिरफ्तार होने का सवाल ही नहीं था।
इस पर आरक्षक आशीष तोमर ने तुरंत समझ लिया कि कॉल फर्जी है, जिसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को इस फ्रॉड कॉल के बारे में लाइव जानकारी दी और ठगों के तरीकों को समझाया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने भी जनता से अपील की है कि ऐसे कॉल से सतर्क रहें और किसी भी आर्थिक मांग पर भरोसा न करें। साथ ही कुछ साइबर अपराध होने पर 1930 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी देने की अपील भी की।
यह भी पढ़ें- MP: 'पूर्व के मुख्यमंत्रियों के सारे काम बेकार, CM यादव उन्हें आगे बढ़ा रहे', मंत्री नारायणसिंह की जुबान फिसली
इसके साथ ही आमजन हेतु साइबर सुरक्षा सलाह के लिए कहा गया कि किसी भी संदिग्ध ईमेल, लिंक, APK File या एप पर क्लिक न करें। अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, पासवर्ड या UPI PIN किसी भी व्यक्ति को न दें। केवल आधिकारिक कस्टमर केयर नंबरों से ही संपर्क करें। यदि कोई ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराए, फर्स्ट ऑर इज गोल्डन ऑर- तुरंत शिकायत करने से राशि रिकवरी की संभावना बढ़ती है। सतर्क रहें ! सावधान रहें ! सायबर सुरक्षित रहें !