देश की अग्रणी निर्माण कंपनियों में शामिल दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड पर सोमवार को आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। अमृतसर से आई विशेष टीम ने भोपाल सहित कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। टीम ने कंपनी के चूनाभट्टी स्थित मुख्य कार्यालय और अन्य सहयोगी फर्मों के दफ्तरों में वित्तीय दस्तावेज खंगाले। कार्रवाई का मुख्य फोकस शेयर लिस्टिंग, फंड ट्रांसफर और विदेशी लेनदेन की जांच पर है।
सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई सुबह से ही शुरू हुई और कार्यालय के बाहर एसएएफ के जवानों की तैनाती की गई। परिसर को सील कर दिया गया और किसी को अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। दिलीप बिल्डकॉन के मालिक दिलीप सूर्यवंशी, जो मध्य प्रदेश के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति माने जाते हैं, के सत्तारूढ़ दल के कई नेताओं से करीबी संबंध बताए जा रहे हैं।
कंपनी फिलहाल भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट समेत देशभर में हजारों करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर, हाइवे, रेलवे और सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। हाल ही में कंपनी को केरल और गुरुग्राम में भी बड़े निर्माण कार्यों के ठेके मिले हैं।
दिलीप सूर्यवंशी ने 1988 में दिलीप बिल्डकॉन की स्थापना की थी। शुरुआती दौर में कंपनी ने छोटे सरकारी भवनों और पेट्रोल पंपों के निर्माण का कार्य किया। बाद में 1995 में इंजीनियर देवेंद्र जैन कंपनी से जुड़े, जो वर्तमान में इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।
कंपनी को 1993-94 में पहला बड़ा प्रोजेक्ट मिला जिसकी लागत मात्र चार करोड़ रुपये थी, लेकिन 2007 से 2010 के बीच अहमदाबाद–गोधरा हाईवे के लगभग 1000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट ने दिलीप बिल्डकॉन को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। आज कंपनी का नेटवर्क 17 राज्यों तक फैला है और इसकी अनुमानित संपत्ति करीब 3,800 करोड़ रुपये आंकी गई है।
आयकर विभाग की टीम अब सभी वित्तीय रिकॉर्ड्स और ट्रांजैक्शंस की विस्तृत जांच कर रही है।