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Barwani: फसल देखने पहुंचे किसान के सामने आ गए तेंदुए के दो शावक, घबराया किसान बाइक छोड़ चल दिया उल्टे कदम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी Updated Wed, 05 Mar 2025 04:25 PM IST

बड़वानी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सेगांव में एक किसान के सामने अचानक तेंदुए के दो शावक आ गये। खेत में फसल की देखरेख करने पहुंचे किसान अपने ठीक सामने दो तेंदुओं को देख घबरा गया। जिसके बाद वो डर के मारे अपनी बाइक को वहीं खड़ी कर, धीरे-धीरे उल्टे कदम पीछे की तरफ चल दिये। इस बीच तेंदुए के शावक उन्हें देखते रहे और वे तेंदुओं को। कुछ दूर जाकर उन्होंने अपने मोबाइल से तेंदुओं का वीडियो भी बनाया। तब वे शावक उनके खेतों की ओर ही लौट गए, और किसान की जान में जान आयी। वहीं किसान का कहना था कि, ये तो गनीमत रही कि दोनों तेंदुओं ने उन पर हमला नहीं किया। नहीं तो उनके साथ बड़ी घटना हो सकती थी। 

वहीं तेंदुए को देखने वाले किसान गजेंद्र पटेल ने बताया कि देर शाम वे अपने खेत में चने की फसल का जायजा लेने गए थे। इस दौरान अचानक खेत के पास के एक गड्ढे से जंगली जानवरों के गरजने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने बाइक से उतर कर देखा, तब कुछ नजर नहीं आया। जिस पर वे वापस बाइक पर बैठ गए। इस बीच अचानक दोनों शावक गड्ढे से बाहर निकल कर उनकी बाइक के सामने आ गए। उन्हें अचानक से देखकर वे घबरा गये, क्योंकि एक शावक होता तो उन्हें थोड़ी हिम्मत रहती, पर यहां तो दो-दो शावक उनकी बाइक के सामने खड़े थे।

तेंदुए के डर से चले 25 फीट तक उल्टे कदम
इधर किसान पटेल ने बताया कि दो शावकों के सामने आने के बाद वे इतना घबरा गए कि उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। बाइक स्टार्ट करने की भी उनकी हिम्मत नहीं हो रही थी। इसके बाद वे अपनी बाइक से धीरे-धीरे नीचे उतरे। इस दौरान वे शावकों को देख रहे थे और तेंदुए के शावक उन्हें देख रहे थे। ऐसे ही में वे उनसे बचने के लिए उल्टे कदम चलते हुए पीछे की तरफ करीब 25 फीट तक चलते रहे, जिसके बाद वे शावक दूसरी तरफ जाने लगे तब उन्हें हिम्मत आयी। इस दौरान वे शावक क्षेत्र की तरफ जाकर उनके ही खेतों में बैठ गए।

वन विभाग भी नहीं पकड़ पा रहा तेंदुए
वहीं उन्होंने बताया कि, इसके पहले भी दो-तीन बार उन्होंने एक शावक को देखा था, लेकिन इस बार तो दो शावक अचानक से सामने आ गए थे। उनके चलते क्षेत्र में बड़ी दहशत है, और हर तीन से चार दिनों में एक मवेशी का वे शिकार कर ही लेते हैं। इसकी सूचना कई बार वन विभाग को भी दी गई, लेकिन वे लोग आकर एक से दो दिन तक पिंजरा लगाते हैं, पर उनके पिंजरे में भी वे पकड़ा नहीं रहे हैं। इसलिए अब गांव वालों की भी यही मांग है कि कैसे भी करके इन तेंदुओं को यहां से भगाया जाए, नहीं तो ग्रामीणों के लिए ये बड़ा ही मुश्किल भरा है।

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