बड़वानी जिले में राजपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात सहायक ग्रेड-3 और लेखा शाखा प्रभारी प्रदीप मंडलोई को 6 अप्रैल को 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने रंगेहाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई राजपुर क्षेत्र में की गई, जहां आरोपी अपने कार्यालय के स्थापना कक्ष में राशि लेते समय पकड़ा गया।
यह मामला रिटायर्ड शिक्षक बाबूलाल नरगावे की शिकायत से जुड़ा है। उनके बेटे की मृत्यु के बाद उनकी बहू को जुलवानिया के शासकीय विद्यालय में चपरासी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। नियुक्ति के दो तीन माह बाद भी वेतन शुरू नहीं हो पाया था, जिससे संबंधित प्रक्रिया पूरी करने की आवश्यकता थी।
रिश्वत की मांग
लेखा शाखा के प्रदीप मंडलोई द्वारा बहू का “प्रान नंबर” भोपाल से जल्दी मंगवाने और वेतन शुरू करवाने के लिए 8,000 रुपये की मांग की गई थी। इस संबंध में बाबूलाल नरगावे ने लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद मामले को सही पाया गया और कार्रवाई की योजना बनाई गई।
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रंगेहाथ गिरफ्तारी
योजना के तहत लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही प्रदीप मंडलोई ने अपने कार्यालय में 7,000 रुपये की पहली किस्त ली, टीम ने तुरंत उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। मौके पर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
लोकायुक्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त कार्यालय को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।