अशोकनगर के जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। यहां भर्ती मरीज इन दिनों अपनी बीमारी से कम और चूहों के आतंक से ज्यादा परेशान हैं। अस्पताल के सर्जिकल वार्ड सहित कई हिस्सों में चूहों की भरमार ने मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब वार्ड में सन्नाटा पसरते ही चूहे बेखौफ होकर मरीजों के बिस्तरों पर चढ़ने लगते हैं।
जानकारी के अनुसार सर्जिकल वार्ड में चूहे खुलेआम घूमते देखे जा सकते हैं। कभी वे मरीजों के कंबल में घुस जाते हैं तो कभी तकियों और खाने-पीने के थैलों में। कई मरीजों ने बताया कि रात होते ही चूहों की गतिविधियां तेज हो जाती हैं। गंभीर अवस्था में भर्ती मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है, क्योंकि ऑपरेशन के बाद संक्रमण का खतरा पहले से ही अधिक रहता है।
उत्पात मचाते हैं चूहे
अस्पताल में भर्ती एक मरीज के परिजन ने बताया कि दिन में भी चूहों को भगाते हुए लोग नजर आते हैं। खाने का सामान सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर चूहों ने दीवारों और फर्श को कुतरकर नुकसान पहुंचाया है। वार्डों में साफ-सफाई की कमी और नियमित कीट नियंत्रण व्यवस्था न होने के कारण चूहों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
विशेषज्ञों के अनुसार अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर चूहों की मौजूदगी गंभीर संक्रमण, बैक्टीरियल बीमारियों और घावों में इन्फेक्शन का कारण बन सकती है। खासकर सर्जिकल वार्ड में यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, जहां ऑपरेशन के बाद मरीजों को विशेष स्वच्छता और सुरक्षा की आवश्यकता होती है। ऐसे में चूहों का बेड तक पहुंच जाना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
निगरानी बढ़ाने की मांग
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के अन्य शहरों से भी समय-समय पर अस्पतालों में चूहों के आतंक की खबरें सामने आती रही हैं। अब अशोकनगर का मामला एक बार फिर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविकता उजागर कर रहा है। मरीजों और परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। अस्पताल में मौजूद मरीज के परिजनों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल कीट नियंत्रण अभियान चलाने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और अस्पताल परिसर की निगरानी बढ़ाने की मांग की है। अस्पताल के सिविल सर्जन भूपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया समय-समय पर अस्पताल में उनके द्वारा निरीक्षण किया जाता है अस्पताल के पास में रेलवे ट्रैक है और यहां पर खाद्य सामग्री भी आती है इस कारण वहां से चूहे जिला अस्पताल में भी आ जाते हैं इनके लिए जी उनके द्वारा इंतजाम किए जा रहे हैं।