आगर कोतवाली थाने से एक ढाई साल के बच्चे का अपहरण का मामला सामने आया है, बच्चा उसकी मौसी के साथ मंदिर जा रहा था इस दौरान एक बोलेरो पिकअप में करीब पांच बदमाश सवार होकर आए और मंदिर जाते समय उसकी मौसी के हाथ से बच्चे को छीनकर फरार हो गए। बच्चों को लेने के लिए उसकी मौसी की बदमाशों से झूमा झटकी भी हुई, लेकिन बदमाशों की संख्या ज्यादा थी वह बच्चे को छीन कर बोलोरो गाड़ी में बिठाकर अपहरण कर फरार हो गए।
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जानकारी के अनुसार बच्चे की मां रीना बामनिया आगर कोतवाली थाने पहुंचीं, जहां पर उसने शिकायत दर्ज करवाई कि रविवार सुबह करीब 10:00 बजे उसका ढाई साल का बेटा भव्यांश उसकी मौसी रोशनी के साथ मंदिर के लिए निकला था। तभी एक बोलेरो गाड़ी आई जिसमें से करीब पांच बदमाश सवार थे, वह सभी गाड़ी से उतरे और रोशनी के हाथों से बच्चे को छुड़ाने लगे। इस दौरान रोशनी और बदमाशों के बीच झूमाझटकी भी हुई। बदमाशों में से एक व्यक्ति ने कहा कि अब तुम घर जाओ बच्चे को हम ले जा रहे हैं, और छीनकर बोलोरो गाड़ी में बिठाकर अपहरण कर ले गए। रोशनी ने बोलेरो गाड़ी का पीछा भी किया तभी बोलोरो गाड़ी बड़ोद रोड की तरफ निकल गई।
मां ने अपने पति पर लगाए अपहरण के आरोप
मां रीना बामनिया का कहना है कि अपहरण की घटना के पीछे उसके पति का हाथ हो सकता है, और शक है कि यह अपहरण उसी के इशारे पर हुआ है। एक वर्ष पूर्व भी वह बच्चे को ले गया था, जिसे पुलिस पश्चिम बंगाल से लेकर आई थी। बदमाश जब बच्चे को छीनकर ले जा रहे थे तभी उसमें से एक ने कहा कि अब तुम घर जाओ बच्चे को हम ले जा रहे हैं। यह बात रीना बामनिया की बहन रोशनी ने सुनी। रोशनी ने आवाज सुनकर कहा कि वह आवाज बच्चों के पिता की आवाज लग रही थी। बच्चों की मां ने यह भी बताया कि वह उसके पति से पिछले दो साल से अलग रह रही है। उसने उसके पति पर आगर के महिला थाने में वर्ष 2024 में दहेज प्रताड़ना व घरेलू हिंसा का केस भी दर्ज करवा रखा है। इसकी सुनवाई की तारीख 25 मार्च को लगी हुई है। केस दर्ज करवाने के बाद रीना अपने बच्चे के साथ कोतवाली थाने से एसडीओपी कार्यालय जा रही थी, इस दौरान आगर के साईं मंदिर के यहां उसका पति आया और बच्चे भव्यांश को जबरदस्ती छीनकर ले गया था, वह बच्चे को इंदौर ले गया था जहां से वह बाय प्लेन से उसे पश्चिम बंगाल ले गया था जहां से पुलिस की टीम बच्चों को फिर से आकर लेकर आई थी।
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अपहरण के मामले में बोले थाना प्रभारी
आगर कोतवाली थाना प्रभारी अनिल कुमार मालवीय ने अपहरण के मामले में जानकारी देते हुए बताया कि करीब एक साल पहले भी बच्चे का पिता बच्चे को आगर के साईं मंदिर के यहां से छीनकर पश्चिम बंगाल ले गया था, जिसे पुलिस की टीम द्वारा पुनः आगर लाया गया था। केस न्यायालय में चल रहा है न्यायालय ने बच्चे की सुपुर्दी भी उसकी मां को दी है। पुलिस को शक है कि अपहरण के पीछे फिर से उसके पिता का हाथ हो सकता है। पुलिस द्वारा अपहरणकर्ता का पता लगाया जा रहा है और बच्चे को सुरक्षित बरामद करने के प्रयास किया जा रहे हैं।