एसबीआई की महानंदानगर शाखा से कैश और जेवर की चोरी के मामले का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मंगलवार रात 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही आरोपियों से करीब 5 करोड़ के गहने और 8 लाख कैश चोरी हुए थे जिसे बरामद किया गया है। हैरानी की बात बस इतनी है की इस वारदात के पीछे बैंक का ही आउटसोर्स कर्मचारी निकला... वहीं इस मामले पर उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा का बयान सामने आया है पहले आप ये बयान सुनिए फिर हम आपको बताते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है...
दरअसल दरअसल सोमवार रात हुई इस बड़ी चोरी का खुलासा मंगलवार को तब हुआ, जब सफाई करने पहुंचे कर्मचारी ने बैंक के लॉकर खुले देखे... इसकी सूचना उसने तुरंत अधिकारियों को दी। जांच के दौरान पता चला कि लॉकर से गिरवी रखे गए करीब 4 किलो 700 ग्राम सोने के आभूषण और 8 लाख रुपए नकद चोरी हो चुके हैं। इसके बाद माधव नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई...घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीजी उमेश जोगा और एसपी प्रदीप शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और विशेष टीम गठित की गई। चार थानों की पुलिस के साथ-साथ साइबर सेल की टीम को भी जांच में लगाया गया।
जिसने पता लगाया कि बैंक का ही कर्मचारी जय भवसार उर्फ जिशान इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड था। 16 अगस्त को बैंक में आग लगने के बाद ब्रांच शिफ्टिंग के दौरान उसने अपने साथियों अब्दुला, साहिल, अरबाज और कोहिनूर के साथ पूरी साजिश रची थी... सोमवार रात सभी आरोपी ढाबा रोड पर मिले और करीब ढाई बजे बैंक पहुंचे. जय और अब्दुला ने पीछे के रास्ते से चाबी से गेट खोला और लॉकर से 4 किलो 700 ग्राम सोना और 8 लाख रुपये निकाल लिए... वारदात के बाद सभी ने होटल में बैठकर माल के 5 हिस्से किए। शक से बचने के लिए जय सुबह बैंक में ही मौजूद रहा, लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ में वह टूट गया और पूरी वारदात कबूल कर ली। इसके बाद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. बैंक से करोड़ों की चोरी करने वाले चंद घंटों में सलाखों के पीछे पहुंच गए है.. पुलिस के साथ साइबर सेल भी जुटा था...
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि इस घटना का मास्टरमाइंड जय भवसार था, जो बैंक में 6 महीने पहले आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में नियुक्त हुआ था। 16 अगस्त को बैंक में आग लगने की घटना के बाद जब सामान शिफ्ट किया जा रहा था, तभी जय ने चोरी की योजना बनाई।