लखनऊ के बर्लिंगटन स्थित एक होटल में जनहित संकल्प पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर एस पटेल ने प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि 13 जनवरी 2026 को यूजीसी एक्ट-2026 के नए नियम को लेकर 14 पेज का भारत सरकार का राजपत्र जारी होता है। यह राजपत्र जारी होने के उपरांत जब हिन्दू धर्म के कुछ खास लोग इस एक्ट का खुलेआम विरोध करते है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक दलित - पिछड़े समाज को टारगेट किया जा रहा है। यहां तक कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को खुलेआम गाली दी जाती है। क्या ये खास मानसिकता का प्रदर्शन नहीं है? डा. पटेल ने बताया कि यूजीसी एक्ट-2026 में एससी-एसटी के साथ पहली बार ओबीसी भी शामिल कर दिया गया है तो उनके दिमाग में यही से परेशानी शुरू होती है। अब के पूर्व विश्वविद्यालय में एससी एसटी ओबीसी के साथ जाति जुल्म और अत्याचार चरम पर होता रहा जिसकी सुनवाई ठीक से कभी नहीं हुई अंततः इस जातीय अन्याय, अत्याचार को ना झेल पाने के कारण तमाम अभ्यर्थी जान गवां देते थे। यह सिलसिला 2012 से शुरू होता है कुछ दिन बाद ओबीसी वर्ग के शहीद रोहित वेमुला जैसा होना हर विद्यार्थी जातीय जुल्म और अत्याचार का शिकार होता है जिन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती है। आज भी वह याद हम सब के अंदर दर्द से भरा हुआ है बात यही नहीं रुकती। पायल तड़की कि संस्थागत हत्या हम भूले नहीं है।