विकास नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उजड़े परिवारों ने एक बार फिर जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश शुरू कर दी है। जहां आग में सभी झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गई थीं और हादसे में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी, वहीं अब लोग अपने जले हुए सामान को हटाकर दोबारा आशियाना बनाने में जुट गए हैं। प्रभावित परिवार बांस-बल्ली और तिरपाल लगाकर फिर से सिर छुपाने की जगह तैयार कर रहे हैं। दर्द और नुकसान के बीच लोगों का हौसला टूटने नहीं दिया है, वे नई शुरुआत कर रहे हैं।