सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में अखबार मंगाने और बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाने की अनिवार्यता को लेकर जिले में सकारात्मक माहौल बनता दिख रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को बाराबंकी स्थित अमर उजाला कार्यालय में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए शिक्षकों के साथ एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। संवाद के दौरान शिक्षकों ने सरकार के इस फैसले को बच्चों की भाषा क्षमता, सामान्य ज्ञान और समसामयिक समझ बढ़ाने की दिशा में बेहद उपयोगी बताया। शिक्षकों का कहना था कि अखबार के माध्यम से बच्चों में पढ़ने की रुचि विकसित होगी और वे किताबों के साथ-साथ समाज, देश-दुनिया की गतिविधियों से भी जुड़ सकेंगे। इस अवसर पर शिक्षकों ने यह भी सुझाव दिए कि अखबार में बच्चों के लिए किस प्रकार की सामग्री और अधिक उपयोगी हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरल भाषा में लिखी गई खबरें, रोचक ज्ञानवर्धक लेख, नैतिक कहानियां, विज्ञान से जुड़े छोटे प्रयोग, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी और स्थानीय घटनाओं पर आधारित सकारात्मक समाचार बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होंगे। शिक्षकों ने अमर उजाला से अपेक्षा जताई कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसी सामग्री को और अधिक स्थान दिया जाए, जिससे परिषदीय विद्यालयों के छात्र अखबार को केवल समाचार पत्र नहीं, बल्कि सीखने के एक सशक्त माध्यम के रूप में देखें।