लखनऊ विश्वविद्यालय में नेशनल स्टूडेंट्स यूनिय ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के सदस्य छात्रों ने प्रवेश परीक्षा व सेमेस्टर शुल्क में हुई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर कुलपति कार्यालय का घेराव किया। छात्रों का कहना है की यह बढ़ोतरी इतनी अधिक है कि सामान्य वर्ग के साथ-साथ गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन हो गया है। छात्रों ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शुल्क में की गई इस बढ़ोतरी से ऐसा लग रहा है कि शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है और इसे एक व्यवसायिक मॉडल के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। विरोध कर रहे छात्रों से इस दौरान प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम से धक्कामुक्की भी हुई। इस मौके पर डॉ राकेश द्विवेदी ने छात्रों को समझाया और उनसे ज्ञापन लिया।