रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इंजीनियर्स भवन में उत्तर प्रदेश की वर्तमान विद्युत स्थिति, भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं तथा वर्ष 2047 तक के संभावित विद्युत परिदृश्य विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए इं. वी. बी. सिंह ने कहा कि बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था के निर्माण की दिशा में सभी को योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का विस्तार और विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि प्रमुख चुनौतियां और प्राथमिकताएं होंगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक योजना, तकनीकी नवाचार और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता है। साथ ही ऊर्जा संरक्षण और दक्ष उपयोग को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया।