लखनऊ के पुराने शहर में चेहल्लुम के अवसर पर इमामबाड़ा नाज़िम साहब से कर्बला तालकटोरा तक पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में विभिन्न मातमी अंजुमनों ने हिस्सा लिया और बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे रास्ते 'या हुसैन' की सदाओं और नौहाख्वानी के बीच अकीदतमंदों ने सीना-जनी कर शोहदाए कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश की। जुलूस में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाए जाने वाले चेहल्लुम के मौके पर पूरे मार्ग पर श्रद्धा और गम का माहौल रहा। जुलूस के शांतिपूर्ण संचालन के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी तथा पूरे रूट पर अधिकारियों की निगरानी बनी रही।