लखनऊ में सरकार ने ‘एक जिला एक उत्पाद’ की तर्ज पर ‘एक जिला एक व्यंजन’ योजना को मंजूरी दी है। करीब 20 लाख रुपये की सहायता से स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें रेवड़ी, आम उत्पाद, मक्खन मलाई और चाट को शामिल किया गया है, जिसमें रेवड़ी को प्रमुखता दी गई है। अमीनाबाद के रेवड़ी कारोबारी राजकुमार कश्यप के अनुसार इस व्यवसाय का सालाना कारोबार 70-80 करोड़ रुपये का है और शहर में 40-50 कारखाने संचालित हैं। योजना से कारीगरों को मार्केटिंग और सप्लाई में मदद मिलने की उम्मीद है।