माह का तीसरा शनिवार है, कोई अवकाश नहीं लेकिन विकास भवन के कार्यालयों में छुट्टी सा नजारा दिखा। अधिकारी तो संपूर्ण समाधान दिवस में गए और कर्मचारी भी नदारद हो गए। दोपहर 12 बजे पशुपालन विभाग, सहकारिता, मत्स्य विभाग और अन्य कई कार्यालयों में कर्मचारियों की कुर्सियां खाली थीं। लाइट और पंखा चालू था। पूछने पर अधिकांश जगह एक ही जवाब मिला कि बाबूजी अभी आए नहीं है। हो सकता है सोमवार को आएं। हालांकि समाज कल्याण विभाग के पेंशन पूछताछ कक्ष में कर्मचारियों पेंशनधारकों को जानकारी देते दिखे। कई पेंशनधारक कई बार चक्कर लगा चुके लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।