नगर निगम की सीमा के भीतर विज्ञापन और प्रचार की अनुमति देने का कानूनी अधिकार केवल नगर निगम के पास है, लेकिन वर्तमान में कई सरकारी विभाग और निजी कंपनियां इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हैं। रेलवे, मेट्रो, सिंचाई और सूचना विभाग के अलावा कई निजी कंपनियां भी शहर में धड़ल्ले से होर्डिंग लगवाकर खुद तो मोटी कमाई कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम को सालाना करीब 10 करोड़ रुपये के राजस्व का चूना लगा रही हैं।